महाराष्ट्र की राजनीति में बीएमसी चुनाव से पहले एक नया विवाद सामने आया है। भाजपा नेता अमित साटम और शिवसेना (यूबीटी) प्रमुख उद्धव ठाकरे के बीच बयानबाज़ी ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है।
क्या है पूरा मामला
- भाजपा नेता अमित साटम ने हाल ही में उद्धव ठाकरे पर मुंबई के “मोमेडीयनाइजेशन” (इस्लामीकरण) का आरोप लगाया था।
- इस पर प्रतिक्रिया देते हुए उद्धव ठाकरे ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में साटम के नाम पर टिप्पणी करते हुए कहा — “कौन चाटम… कौन चाटम… मुद्दे पर बात करें।”
- उद्धव ठाकरे की इस टिप्पणी को भाजपा ने कोंकण और मालवणी समाज के लोगों का अपमान बताया है।
भाजपा का पलटवार
- अमित साटम ने कहा कि उद्धव ठाकरे ने केवल उन्हें नहीं बल्कि मध्यमवर्गीय मराठी और कोंकणी लोगों का अपमान किया है।
- उन्होंने दावा किया कि वे किसी बड़े राजनीतिक परिवार से नहीं आते, बल्कि अपने काम के बल पर राजनीति में हैं।
- साटम ने साथ ही उद्धव ठाकरे पर भ्रष्टाचार के आरोप भी लगाए और कहा कि बीएमसी के बजट से जुड़ी कई गड़बड़ियों की जांच होनी चाहिए।
राजनीतिक पृष्ठभूमि
- बीएमसी चुनाव से पहले उद्धव ठाकरे और भाजपा नेताओं के बीच लगातार बयानबाज़ी तेज़ हो गई है।
- मुंबई में रहने वाले कोंकणी और मराठी समुदाय इस चुनाव में अहम भूमिका निभाने वाले हैं, इसलिए यह विवाद राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
