वेनेजुएला में अमेरिकी सैन्य कार्रवाई और राष्ट्रपति निकोलस मादुरो की हिरासत पर चीन ने कड़ा रुख अपनाया है। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग ने इस घटनाक्रम को “अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था के लिए खतरा” बताया और कहा कि दुनिया इस समय उथल-पुथल और असंतुलन के दौर से गुजर रही है।
🔹 शी जिनपिंग का बयान
- चीनी राष्ट्रपति ने कहा कि कुछ देश अपनी सत्ता और प्रभाव के बल पर अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था को कमजोर कर रहे हैं।
- उन्होंने देशों से अपील की कि सभी राष्ट्रों को संप्रभुता और स्वतंत्र विकास के अधिकार का सम्मान करना चाहिए।
- शी ने कहा, “सभी देशों को संयुक्त राष्ट्र चार्टर और अंतरराष्ट्रीय कानून के सिद्धांतों का पालन करना चाहिए।”
🔹 चीन की आधिकारिक प्रतिक्रिया
- चीन के विदेश मंत्रालय ने कहा कि अमेरिका को तुरंत मादुरो और उनकी पत्नी को रिहा करना चाहिए।
- बीजिंग ने अमेरिकी कार्रवाई को अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर का उल्लंघन बताया।
- चीन का कहना है कि वेनेजुएला को बाहरी दबाव से मुक्त होकर अपने आर्थिक और राजनीतिक निर्णय लेने का अधिकार है।
🔹 चीन-वेनेजुएला संबंध
- दोनों देशों के रिश्ते दो दशकों से गहरे आर्थिक और रणनीतिक सहयोग पर आधारित हैं।
- चीन वेनेजुएला का प्रमुख तेल खरीदार और निवेशक रहा है, जिसने तेल के बदले अरबों डॉलर के ऋण भी दिए हैं।
- बीजिंग के लिए मादुरो सरकार का पतन एक रणनीतिक झटका माना जा रहा है, क्योंकि यह लैटिन अमेरिका में उसके प्रभाव से जुड़ा था।
🔹 वैश्विक परिप्रेक्ष्य
यह बयान ऐसे समय में आया है जब कई देश अंतरराष्ट्रीय शक्ति संतुलन को लेकर चिंता जता रहे हैं। चीन ने संकेत दिया है कि वह किसी भी देश के खिलाफ बल के प्रयोग या बाहरी हस्तक्षेप का विरोध करता है।
