वेनेजुएला संकट: तेल और वैश्विक बाजारों पर क्या होगा असर, विशेषज्ञों की नजर अमेरिकी कदम पर

वेनेजुएला में राजनीतिक तनाव और अमेरिकी हस्तक्षेप के बाद वैश्विक ऊर्जा बाजार में हलचल तेज हो गई है। रिपोर्टों के अनुसार, वेनेजुएला के राष्ट्रपति निकोलस मादुरो को हिरासत में लिए जाने के बाद तेल की आपूर्ति और कीमतों पर असर पड़ सकता है।


दुनिया का सबसे बड़ा तेल भंडार वेनेजुएला में

  • वेनेजुएला के पास करीब 303 बिलियन बैरल क्रूड ऑयल रिजर्व हैं, जो विश्व के कुल भंडार का लगभग 20% है।
  • इसके बाद सऊदी अरब (258 बिलियन बैरल) और ईरान (209 बिलियन बैरल) जैसे देशों का स्थान आता है।
  • विशेषज्ञों का मानना है कि वेनेजुएला में जारी अस्थिरता वैश्विक तेल आपूर्ति को प्रभावित कर सकती है।

अमेरिका-वेनेजुएला संबंधों में तनाव

  • दोनों देशों के बीच तनाव तब बढ़ा जब वेनेजुएला ने तेल व्यापार को डॉलर के बजाय वैकल्पिक मुद्राओं में करने की बात कही।
  • विश्लेषकों के अनुसार, यह निर्णय अमेरिकी नीति से असहमति का संकेत था, जिससे कूटनीतिक संबंध कमजोर हुए।
  • मौजूदा घटनाक्रम को कई विशेषज्ञ भू-राजनीतिक शक्ति संघर्ष के रूप में देख रहे हैं, जो ऊर्जा बाजार को प्रभावित कर सकता है।

वैश्विक प्रतिक्रिया और संभावित प्रभाव

  • चीन, रूस और ईरान जैसे देश इस स्थिति पर नजर रखे हुए हैं क्योंकि उनके वेनेजुएला में आर्थिक हित जुड़े हुए हैं।
  • अंतरराष्ट्रीय बाजारों में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।
  • ऊर्जा विशेषज्ञों का मानना है कि यदि स्थिति स्थिर नहीं हुई, तो आने वाले महीनों में तेल आयातक देशों पर लागत का दबाव बढ़ सकता है।

ब्रिक्स देशों पर संभावित असर

  • विश्लेषकों के अनुसार, यह घटनाक्रम ब्रिक्स देशों की आर्थिक रणनीति और वैकल्पिक मुद्रा व्यवस्था (डी-डॉलराइजेशन) की योजनाओं को प्रभावित कर सकता है।
  • फिलहाल, स्थिति पर वैश्विक निगरानी जारी है और बाजारों में सतर्क निवेश माहौल बना हुआ है।

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