📍 नई दिल्ली
🗂️ श्रेणी: ऑटोमोबाइल | रोड सेफ्टी | टेक्नोलॉजी
🛣️ सरकारी पहल | हादसों पर रोक की नई तैयारी
सड़क दुर्घटनाओं को कम करने के उद्देश्य से केंद्र सरकार एक नई आधुनिक तकनीक लागू करने की दिशा में आगे बढ़ रही है। योजना के तहत देश में व्हीकल-टू-व्हीकल (V2V) कम्युनिकेशन सिस्टम को लाने की तैयारी की जा रही है, जिससे वाहन आपस में सीधे जानकारी साझा कर सकेंगे।
इस तकनीक के जरिए ड्राइवर को संभावित खतरे की पहले से सूचना मिल सकेगी।
📡 V2V टेक्नोलॉजी क्या है | कैसे करेगी काम
V2V सिस्टम के तहत वाहनों में एक विशेष डिवाइस लगाई जाएगी, जो आसपास मौजूद अन्य वाहनों से सिग्नल के माध्यम से जानकारी का आदान-प्रदान करेगी।
इस प्रक्रिया में किसी मोबाइल नेटवर्क या इंटरनेट की जरूरत नहीं होगी।
जब वाहन एक-दूसरे के बहुत करीब आएंगे या कोई खतरा होगा, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट भेजेगा और ड्राइवर को सावधान कर देगा।
🌫️ हादसों की रोकथाम | कोहरे में बनेगी ‘तीसरी आंख’
यह तकनीक खास तौर पर:
- घने कोहरे में होने वाले हादसों
- सड़क किनारे खड़ी गाड़ियों से टकराव
- पीछे से तेज रफ्तार में आने वाले वाहनों
जैसी स्थितियों में मददगार साबित हो सकती है। विजिबिलिटी कम होने पर यह सिस्टम ड्राइवर को समय रहते चेतावनी देगा।
🏛️ सरकारी बयान | रोड सेफ्टी की दिशा में बड़ा कदम
केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने राज्य परिवहन मंत्रियों के साथ हुई बैठक के बाद इस योजना की जानकारी दी। उनके अनुसार, इस तकनीक पर गंभीरता से काम किया जा रहा है और इसे चरणबद्ध तरीके से लागू किया जाएगा।
परिवहन मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों का मानना है कि यह पहल भारत को सड़क सुरक्षा के मामले में वैश्विक स्तर पर आगे ले जाएगी।
💰 लागत और क्रियान्वयन | चरणबद्ध लागू होगी योजना
- परियोजना की अनुमानित लागत: करीब 5000 करोड़ रुपये
- शुरुआत: केवल नई गाड़ियों में
- भविष्य में: पुराने वाहनों को भी अपडेट किया जाएगा
- उपभोक्ता शुल्क: तय किया जाना बाकी
यह सिस्टम एडवांस्ड ड्राइवर असिस्टेंस सिस्टम (ADAS) के साथ मिलकर काम करेगा।
🔮 भविष्य की तस्वीर | स्मार्ट ट्रैफिक सिस्टम की ओर कदम
सरकार का लक्ष्य है कि 2026 के अंत तक इस तकनीक को नोटिफाई कर दिया जाए। इसके बाद भारतीय सड़कों पर ट्रैफिक न सिर्फ तेज होगा, बल्कि ज्यादा सुरक्षित और स्मार्ट भी बनेगा।
📌 निष्कर्ष
V2V टेक्नोलॉजी सड़क सुरक्षा के क्षेत्र में एक बड़ा बदलाव ला सकती है। अगर योजना के मुताबिक इसे लागू किया गया, तो आने वाले वर्षों में सड़क हादसों में उल्लेखनीय कमी देखने को मिल सकती है।
