🏛️ कानून और न्याय (Law & Justice)
डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को एक बार फिर जेल से अस्थायी राहत मिली है। वह रोहतक की सुनारिया जेल से 40 दिन की पैरोल पर बाहर आया है। साध्वियों से दुष्कर्म के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद यह उसकी 15वीं बार पैरोल मानी जा रही है। राम रहीम को वर्ष 2017 में दो मामलों में कुल 20 साल की सजा सुनाई गई थी।
📍 प्रशासनिक जानकारी (Administration Update)
डेरा प्रबंधन की ओर से दी गई जानकारी के अनुसार, पैरोल की अवधि के दौरान राम रहीम सिरसा स्थित डेरा मुख्यालय में ही रहेगा। इस दौरान उसके बाहर सार्वजनिक कार्यक्रमों में शामिल होने पर सीमाएं लागू रहेंगी।
🗓️ पैरोल और फरलो का रिकॉर्ड (Timeline Overview)
राम रहीम को इससे पहले भी कई बार फरलो और पैरोल मिल चुकी है।
- अगस्त 2025 में 40 दिन की पैरोल
- अप्रैल 2025 में 21 दिन की फरलो
- जनवरी 2025 में 30 दिन की पैरोल
- अक्टूबर 2024 और अगस्त 2024 में भी अस्थायी रिहाई
- 2022 में पंजाब विधानसभा चुनाव से पहले फरलो
इन रिहाइयों को लेकर समय-समय पर सवाल उठते रहे हैं।
⚖️ अन्य मामलों की स्थिति (Case Status)
राम रहीम एक पत्रकार की हत्या के मामले में भी सजा काट चुका है। हालांकि, मई 2024 में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने इस केस में जांच को कमजोर बताते हुए उसे और अन्य आरोपियों को बरी कर दिया था, जिससे पहले दी गई उम्रकैद की सजा रद्द हो गई।
🗣️ सामाजिक प्रतिक्रिया (Public Reaction)
सिख संगठनों और अन्य सामाजिक संस्थाओं ने बार-बार दी जा रही राहत पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि इस तरह की रिहाई से न्याय व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं।
🚨 पृष्ठभूमि (Background)
गुरमीत राम रहीम अगस्त 2017 से जेल में बंद है। उसी साल दुष्कर्म के मामलों में सजा सुनाए जाने के बाद हरियाणा और पंजाब में हुई हिंसा में कई लोगों की जान चली गई थी। वर्तमान में वह रेप के मामलों में सजा भुगत रहा है।
