🏛️ पॉलिटिकल डेस्क | पश्चिम बंगाल
पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने कोलकाता में राजनीतिक रणनीतिक संगठन I-PAC से जुड़े ठिकानों पर प्रवर्तन निदेशालय (ED) की कार्रवाई को लेकर केंद्र सरकार और भारतीय जनता पार्टी पर कड़ा प्रहार किया है। इस घटनाक्रम के बाद राज्य की राजनीति में बयानबाज़ी तेज हो गई है।
📌 क्या है पूरा मामला
कोलकाता में
- I-PAC कार्यालय
- और संगठन प्रमुख प्रतीक जैन के आवास
पर ईडी की छापेमारी की गई। कार्रवाई के दौरान ममता बनर्जी खुद प्रतीक जैन के घर पहुंचीं, जिससे मौके पर तनावपूर्ण स्थिति बन गई। भाजपा ने मुख्यमंत्री की मौजूदगी को जांच में “हस्तक्षेप” बताया।
🗣️ ममता बनर्जी का सीधा सवाल भाजपा से
समाचार एजेंसी ANI के मुताबिक, ममता बनर्जी ने कहा कि
- यदि भाजपा लोकतांत्रिक तरीके से मुकाबला नहीं कर सकती
- तो वह बंगाल में बार-बार क्यों आ रही है
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल राजनीतिक दबाव बनाने के लिए किया जा रहा है।
⚖️ एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप
मुख्यमंत्री ने कहा कि
- राजनीतिक रणनीति
- दस्तावेज
- मतदाता से जुड़ा डेटा
को जांच के नाम पर निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने इसे राज्य के अधिकारों और लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं पर हमला बताया।
🏟️ “चुनाव में मुकाबला कीजिए, जांच से नहीं”
ममता बनर्जी ने भाजपा को चुनौती देते हुए कहा कि
- सत्ता की लड़ाई चुनावी मैदान में लड़ी जानी चाहिए
- न कि केंद्रीय एजेंसियों के सहारे
उन्होंने दावा किया कि इस तरह की कार्रवाइयों से भाजपा को राजनीतिक नुकसान ही होगा।
🏛️ केंद्र से अपील
अपने बयान में मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री का भी उल्लेख करते हुए कहा कि
- गृह मंत्रालय को इस तरह की कार्रवाइयों पर नियंत्रण रखना चाहिए
- ताकि संघीय ढांचे और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा हो सके
🔍 राजनीतिक मायने
विशेषज्ञों के मुताबिक,
- यह विवाद आगामी चुनावों से पहले
- केंद्र और राज्य के बीच बढ़ते टकराव को दर्शाता है
और आने वाले दिनों में इस मुद्दे पर राजनीतिक बयानबाज़ी और तेज हो सकती है।
✨ निष्कर्ष
यह मामला सिर्फ एक जांच तक सीमित नहीं है, बल्कि
केंद्र-राज्य संबंध, एजेंसियों की भूमिका और चुनावी राजनीति
तीनों पर सवाल खड़े करता है।
