ईरान में जारी विरोध प्रदर्शनों के बीच देश के सर्वोच्च नेता अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिका को लेकर सख्त बयान दिया है। उन्होंने कहा कि ईरान के बारे में अमेरिका का आकलन पहले भी गलत रहा है और मौजूदा हालात में भी वही स्थिति दोहराई जा रही है।
🌍 विदेश नीति
अमेरिकी दबाव पर ईरान की दो-टूक प्रतिक्रिया
जुमे की नमाज़ के बाद दिए गए अपने संबोधन में खामेनेई ने स्पष्ट किया कि ईरान किसी भी विदेशी दबाव को स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने कहा कि देश न तो बाहरी ताकतों के इशारों पर चलता है और न ही भविष्य में ऐसा करेगा।
⚖️ राष्ट्रीय सुरक्षा और राजनीति
विदेशी हस्तक्षेप पर सख्त चेतावनी
खामेनेई ने कहा कि जो लोग किसी विदेशी ताकत के लिए काम करते हैं, उन्हें देश माफ नहीं करता। उनका इशारा उन समूहों की ओर था, जिन पर सरकार विदेशी समर्थन के आरोप लगाती रही है।
🇺🇸 ईरान-अमेरिका संबंध
ट्रंप को ऐतिहासिक संदर्भों के साथ जवाब
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की हालिया चेतावनियों पर प्रतिक्रिया देते हुए खामेनेई ने कहा कि इतिहास गवाह है—घमंड और अहंकार में डूबी ताकतें अक्सर अपने चरम पर पहुंचकर ही पतन का शिकार होती हैं।
🚨 आंतरिक हालात
प्रदर्शनकारियों पर भी सुप्रीम लीडर की टिप्पणी
ईरान के सर्वोच्च नेता ने विरोध कर रहे लोगों की आलोचना करते हुए कहा कि कुछ तत्व बाहरी ताकतों को खुश करने के लिए सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उनका कहना था कि ऐसे कदम देशहित में नहीं हैं।
📰 पृष्ठभूमि
बयान क्यों अहम है
यह बयान ऐसे समय आया है जब अमेरिका ने चेतावनी दी थी कि अगर ईरान में प्रदर्शनकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होती है, तो वह प्रतिक्रिया दे सकता है। इसी संदर्भ में खामेनेई का यह संदेश अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अहम माना जा रहा है।
✍️ निष्कर्ष
खामेनेई के ताजा बयान से साफ है कि ईरान मौजूदा हालात में भी अपनी नीति को बाहरी दबाव से दूर रखते हुए आगे बढ़ना चाहता है और अमेरिका के साथ तनावपूर्ण रिश्तों में नरमी के संकेत फिलहाल नहीं दिखते।
