🛕 राष्ट्रीय–धार्मिक कार्यक्रम डेस्क | गुजरात
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी अपने तीन दिवसीय गुजरात दौरे के दौरान शनिवार को सोमनाथ पहुंचे, जहां उन्होंने ऐतिहासिक ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ में भाग लिया। इस अवसर पर उन्होंने ओंकार नाद के सामूहिक जप में हिस्सा लिया और भव्य ड्रोन शो का अवलोकन किया। पीएम मोदी ने इस अनुभव को आध्यात्मिक रूप से प्रेरणादायक बताया।
🙏 सोमनाथ मंदिर में विशेष सहभागिता
🕉️ आध्यात्मिक गतिविधि डेस्क
प्रधानमंत्री ने सोशल मीडिया पर साझा संदेश में कहा कि सोमनाथ आकर उन्हें गौरव और ऊर्जा की अनुभूति हुई। उन्होंने इसे भारत की सभ्यतागत दृढ़ता और सांस्कृतिक साहस का प्रतीक बताया और स्थानीय लोगों के स्नेहपूर्ण स्वागत के लिए आभार जताया।
🤝 मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने किया स्वागत
🏛️ राज्य राजनीति डेस्क
गिर सोमनाथ जिले के वेरावल स्थित हेलीपैड पर मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने प्रधानमंत्री का स्वागत किया। इस दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक और श्रद्धालु सड़क किनारे एकत्र होकर प्रधानमंत्री का अभिवादन करते नजर आए।
🐎 रविवार को ‘शौर्य यात्रा’ और पूजा-अर्चना
⚔️ संस्कृति एवं विरासत डेस्क
रविवार को प्रधानमंत्री मोदी ‘शौर्य यात्रा’ में भाग लेंगे, जो सोमनाथ मंदिर की रक्षा में बलिदान देने वाले वीरों को सम्मानित करने के लिए आयोजित की जा रही है। इस प्रतीकात्मक यात्रा में 108 घोड़े शामिल होंगे। इसके बाद पीएम मंदिर में विधिवत पूजा करेंगे और स्वाभिमान पर्व के मुख्य सार्वजनिक कार्यक्रम को संबोधित करेंगे।
📜 क्यों खास है ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’
📖 इतिहास डेस्क
यह आयोजन वर्ष 1026 में सोमनाथ मंदिर पर हुए ऐतिहासिक आक्रमण के 1000 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर किया जा रहा है। बार-बार विनाश के प्रयासों के बावजूद मंदिर का पुनर्निर्माण भारत की सांस्कृतिक चेतना, आस्था और राष्ट्रीय आत्मसम्मान का प्रतीक माना जाता है।
🚆 अन्य विकासात्मक कार्यक्रमों में भी शामिल होंगे पीएम
📈 विकास एवं इंफ्रास्ट्रक्चर डेस्क
रविवार को प्रधानमंत्री राजकोट में वाइब्रेंट गुजरात रीजनल कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लेंगे और ट्रेड शो का उद्घाटन करेंगे। इसके बाद गांधीनगर में अहमदाबाद मेट्रो फेज-2 के शेष हिस्से का उद्घाटन भी उनके कार्यक्रम में शामिल है।
🔍 निष्कर्ष
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व न केवल ऐतिहासिक स्मृति का प्रतीक है, बल्कि यह आने वाली पीढ़ियों के लिए सांस्कृतिक आत्मगौरव और राष्ट्रीय चेतना को सशक्त करने वाला आयोजन भी है।
