Grok पर उठे विवाद के बाद X का बड़ा कदम, अब हर यूज़र नहीं बना पाएगा AI इमेज

🖥️ टेक्नोलॉजी डेस्क

एलन मस्क के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X से जुड़े एआई चैटबॉट Grok को लेकर दुनियाभर में चल रहे विवादों के बीच कंपनी ने एक अहम फैसला लिया है। अब Grok के जरिए तस्वीरें बनाने या उनमें बदलाव करने की सुविधा सभी यूज़र्स के लिए बंद कर दी गई है।


🔐 अब सिर्फ पेड और वेरिफाइड यूज़र्स को मिलेगी इमेज जेनरेशन की अनुमति

📲 डिजिटल पॉलिसी डेस्क

नए नियमों के तहत, Grok पर इमेज जेनरेशन और एडिटिंग का फीचर केवल ब्लू टिक और पेड सब्सक्राइबर्स के लिए उपलब्ध होगा। पहले जहां फ्री यूज़र्स भी इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकते थे, अब उन्हें इसके लिए सब्सक्रिप्शन लेना अनिवार्य होगा।

इसके अलावा, तस्वीरों से जुड़ी सभी सुविधाएं अब केवल X की ऐप और वेबसाइट तक सीमित कर दी गई हैं।


🛡️ क्यों लिया गया यह फैसला?

⚖️ साइबर सेफ्टी डेस्क

इस बदलाव के पीछे सबसे बड़ी वजह गलत इस्तेमाल पर नियंत्रण मानी जा रही है। पेड अकाउंट होने से यह साफ हो सकेगा कि किसी इमेज को किस यूज़र ने बनाया है। इससे प्लेटफॉर्म को नियमों के उल्लंघन पर तुरंत कार्रवाई करने में मदद मिलेगी और जवाबदेही तय की जा सकेगी।


💬 अब Grok यूज़र्स को क्या संदेश दिखा रहा है?

🤖 एआई अपडेट डेस्क

हाल के दिनों में जब यूज़र्स इमेज जेनरेशन से जुड़े सवाल पूछ रहे हैं, तो Grok की ओर से जवाब में यह संदेश दिखाया जा रहा है—

“इमेज जेनरेशन और एडिटिंग की सुविधा फिलहाल केवल पेड कस्टमर्स के लिए उपलब्ध है। इन फीचर्स को अनलॉक करने के लिए सब्सक्रिप्शन आवश्यक है।”


🌍 वैश्विक स्तर पर बढ़ी चिंता

🌐 इंटरनेशनल डेस्क

पिछले कुछ हफ्तों में Grok को लेकर कई देशों में सवाल उठे हैं। कुछ सरकारों और संगठनों ने प्लेटफॉर्म से जुड़े कंटेंट मॉडरेशन को लेकर आपत्ति जताई है। इसी कारण कई जगहों पर जांच और समीक्षा की प्रक्रिया भी शुरू की गई है। भारत समेत कई देशों की एजेंसियां इस मामले पर नजर बनाए हुए हैं।


📌 निष्कर्ष

X द्वारा लिया गया यह कदम एआई टूल्स के जिम्मेदार उपयोग की दिशा में एक बड़ा बदलाव माना जा रहा है। पेड एक्सेस के जरिए कंपनी न केवल कंटेंट पर नियंत्रण बढ़ाना चाहती है, बल्कि प्लेटफॉर्म की सुरक्षा और पारदर्शिता को भी मजबूत करना चाहती है।

Back To Top