✍️ इंटरनेशनल डेस्क | वॉशिंगटन
⚖️ सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई स्थगित
अमेरिका में पूर्व राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को लेकर होने वाली अहम सुनवाई फिलहाल टाल दी गई है। शुक्रवार को अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट को इस मामले पर फैसला सुनाना था, जिसे ट्रंप प्रशासन के लिए एक बड़ी कानूनी परीक्षा माना जा रहा था।
📜 क्या था कोर्ट के सामने सवाल?
कोर्ट को यह तय करना था कि
- क्या ट्रंप प्रशासन ने International Emergency Economic Powers Act (IEEPA) के तहत लगाए गए टैरिफ कानूनी दायरे में आते हैं या नहीं।
इस फैसले का असर केवल अमेरिका तक सीमित नहीं रहता, बल्कि वैश्विक व्यापार और अर्थव्यवस्था पर भी इसका प्रभाव पड़ सकता था।
🏛️ IEEPA क्या है?
- यह कानून 1977 में अमेरिकी कांग्रेस द्वारा पारित किया गया था
- राष्ट्रपति को राष्ट्रीय आपातकाल की स्थिति में अतिरिक्त आर्थिक शक्तियां देता है
- आमतौर पर इसका उपयोग शत्रु देशों पर आर्थिक प्रतिबंध लगाने के लिए किया जाता रहा है
💼 टैरिफ लगाने में पहली बार हुआ इस्तेमाल
डोनाल्ड ट्रंप ऐसे पहले राष्ट्रपति हैं जिन्होंने IEEPA का इस्तेमाल टैरिफ लागू करने के लिए किया।
उन्होंने अमेरिका के
- बढ़ते व्यापार घाटे
- और फेंटेनाइल ड्रग ओवरडोज संकट
को राष्ट्रीय आपातकाल बताते हुए इस कानून के तहत कदम उठाए थे।
📉 व्यापार घाटे पर विवाद
गौरतलब है कि अमेरिका में 1975 से लगातार व्यापार घाटा रहा है, लेकिन इसके बावजूद ट्रंप प्रशासन ने इसे आपात स्थिति मानते हुए कड़े व्यापारिक फैसले लिए, जिन पर अब कानूनी बहस चल रही है।
🔎 आगे क्या होगा?
फैसला टलने के बाद अब यह मामला और लंबा खिंच सकता है। सुप्रीम कोर्ट का अगला निर्णय न केवल ट्रंप की नीति की वैधता तय करेगा, बल्कि भविष्य की अमेरिकी व्यापार रणनीतियों के लिए भी दिशा तय करेगा।
