✍️ पॉलिटिक्स डेस्क | एक्सक्लूसिव इंटरव्यू
🤝 अजित पवार पर भरोसा बरकरार
महाराष्ट्र के निकाय चुनावों के बीच एनसीपी (शरद पवार गुट) की कार्यकारी अध्यक्ष सुप्रिया सुले ने साफ शब्दों में कहा कि अजित पवार के नेतृत्व पर उनका भरोसा कभी डगमगाया नहीं।
एक निजी चैनल को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि दोनों की राजनीतिक सोच समान रही है। हालांकि भविष्य में साथ आने के सवाल पर उन्होंने फिलहाल चुनाव खत्म होने का इंतजार करने की बात कही।
🔍 मर्जर पर स्थिति साफ
एनसीपी के दोनों गुटों के एकीकरण को लेकर सुप्रिया सुले ने स्पष्ट किया कि
- अभी कोई प्रस्ताव नहीं है
- मर्जर को लेकर कोई चर्चा टेबल पर नहीं
- दो नगर निगमों में सिर्फ चुनावी तालमेल है, उससे ज्यादा कुछ नहीं
उन्होंने कहा कि परिवार और राजनीति अलग-अलग चीजें हैं और समय के साथ परिस्थितियां खुद स्पष्ट हो जाएंगी।
⚖️ आरोपों पर बीजेपी को घेरा
अजित पवार पर लगे कथित आरोपों को लेकर सुप्रिया सुले ने कहा कि
👉 ये आरोप एनसीपी ने नहीं, बल्कि बीजेपी ने लगाए थे
👉 इसलिए इनका जवाब भी बीजेपी को ही देना चाहिए
उन्होंने सवाल उठाया कि जिन नेताओं पर पहले गंभीर आरोप लगाए गए, वही आज सत्ता पक्ष में कैसे शामिल हो गए।
💰 चुनाव में पैसे के इस्तेमाल पर चिंता
चुनावी माहौल पर बोलते हुए सुप्रिया सुले ने कहा कि
- चुनाव अब विकास की जगह धनबल पर लड़े जा रहे हैं
- इससे लोकतंत्र कमजोर होता है
- आम नागरिक के लिए चुनाव लड़ना मुश्किल हो जाता है
उन्होंने जांच एजेंसियों की भूमिका पर भी सवाल उठाए और निष्पक्ष जांच की जरूरत बताई।
📜 घोषणापत्र और वादों पर सवाल
बीजेपी-शिवसेना के घोषणापत्र पर निशाना साधते हुए उन्होंने कहा कि
- 25 साल तक मुंबई नगर निगम में सत्ता में रहने के बावजूद बुनियादी समस्याएं क्यों बनी रहीं?
- पिछले 10 वर्षों की सरकार ने जो काम करना था, वो अब चुनाव में वादा बनकर क्यों सामने आ रहा है?
उन्होंने कहा कि योजनाओं की घोषणा और उनके क्रियान्वयन में बड़ा अंतर नजर आता है।
🌍 बांग्लादेशी नागरिकों के मुद्दे पर जवाबदेही की मांग
मुंबई से अवैध घुसपैठियों को बाहर निकालने के वादे पर सुप्रिया सुले ने सवाल किया कि
- जब केंद्र और राज्य में गृह विभाग बीजेपी के पास है
- तो फिर अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई?
उन्होंने कहा कि हर मुद्दे की जिम्मेदारी विपक्ष पर डालना सही नहीं है।
🛡️ नवाब मलिक और अन्य नेताओं का समर्थन
सुप्रिया सुले ने कहा कि
- नवाब मलिक, अजित पवार और अनिल देशमुख पर उनका स्टैंड पहले जैसा ही है
- उन्होंने किसी भी नेता पर सार्वजनिक रूप से आरोप नहीं लगाए
- राजनीति में तोड़-फोड़ की संस्कृति लोकतंत्र के लिए नुकसानदेह है
🏛️ नगर निगम चुनाव पर फोकस
उन्होंने बताया कि
- पुणे और पिंपरी-चिंचवड़ नगर निगम चुनाव अजित पवार के नेतृत्व में लड़े जा रहे हैं
- उद्देश्य सिर्फ और सिर्फ स्थानीय निकायों में बेहतर शासन है
