🗂️ श्रेणी: खेल | क्रिकेट | अंतरराष्ट्रीय विवाद
🔥 भारत-बांग्लादेश क्रिकेट रिश्तों में बढ़ा तनाव
भारत और बांग्लादेश के बीच क्रिकेट संबंधों में इन दिनों तल्खी देखने को मिल रही है। सुरक्षा कारणों का हवाला देते हुए बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड (BCB) ने आईसीसी से अनुरोध किया है कि टी20 वर्ल्ड कप 2026 में उसके मैच भारत से बाहर कराए जाएं। इस मुद्दे पर अब भारतीय क्रिकेट जगत से भी प्रतिक्रियाएं आने लगी हैं।
🏟️ BCCI के फैसलों पर क्यों उठा विवाद?
BCCI के निर्देश के बाद
- कोलकाता नाइट राइडर्स ने बांग्लादेशी गेंदबाज मुस्तफिजुर रहमान को रिलीज किया
- इसके बाद BCB ने ICC को दो पत्र भेजकर भारत में खेलने पर आपत्ति जताई
- हालांकि, ICC की ओर से अब तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है
🎙️ आकाश चोपड़ा का दो टूक बयान
इंडिया टीवी को दिए इंटरव्यू में पूर्व भारतीय क्रिकेटर आकाश चोपड़ा ने स्पष्ट कहा:
- आईपीएल भारत का घरेलू टूर्नामेंट है
- ऐसे टूर्नामेंट में किस देश के खिलाड़ी खेलेंगे, यह तय करना BCCI का अधिकार है
- राष्ट्रीय हित किसी भी खेल निर्णय से ऊपर है
उन्होंने कहा कि यदि कोई देश भारत-विरोधी रुख अपनाता है, तो घरेलू टूर्नामेंट में उसके खिलाड़ियों को आमंत्रित करना जरूरी नहीं।
🌍 डोमेस्टिक बनाम इंटरनेशनल क्रिकेट पर चोपड़ा की राय
आकाश चोपड़ा ने यह भी साफ किया कि
- भारत ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर किसी देश के साथ खेलने से इनकार नहीं किया
- द्विपक्षीय सीरीज या ICC इवेंट्स में भाग लेना अलग विषय है
- लेकिन घरेलू क्रिकेट में फैसले पूरी तरह BCCI के अधिकार क्षेत्र में आते हैं
उनके मुताबिक, बांग्लादेश को खुद तय करना होगा कि उसके लिए क्या सही है।
🧾 BCB में भी अंदरूनी हलचल
इस पूरे विवाद के बीच:
- बांग्लादेश क्रिकेट बोर्ड ने अपने एक वरिष्ठ अधिकारी को पद से हटाया
- खिलाड़ियों को लेकर दिए गए विवादित बयान के बाद यह कार्रवाई हुई
- रिपोर्ट्स के अनुसार, ICC का एक प्रतिनिधिमंडल जल्द बांग्लादेश दौरे पर जा सकता है
📌 निष्कर्ष
टी20 वर्ल्ड कप 2026 से पहले भारत-बांग्लादेश क्रिकेट संबंधों में असमंजस बना हुआ है। आकाश चोपड़ा का बयान यह संकेत देता है कि BCCI अपने फैसलों पर अडिग है, और घरेलू क्रिकेट में किसी भी तरह का समझौता नहीं किया जाएगा। अब गेंद बांग्लादेश के पाले में है कि वह आगे क्या रुख अपनाता है।
