🇺🇸 ग्रीनलैंड मुद्दे पर ट्रंप का नया रुख
अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ग्रीनलैंड को लेकर अपने रुख को और सख्त करते हुए संकेत दिया है कि जो देश इस मुद्दे पर अमेरिका का समर्थन नहीं करेंगे, उन्हें भारी व्यापारिक शुल्क (टैरिफ) का सामना करना पड़ सकता है। ट्रंप का कहना है कि अमेरिका की राष्ट्रीय सुरक्षा जरूरतों के लिए ग्रीनलैंड बेहद अहम है।
यह पहली बार है जब ग्रीनलैंड के मुद्दे को सीधे वैश्विक व्यापार नीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
🏔️ ग्रीनलैंड की स्थिति और विवाद की जड़
ग्रीनलैंड दुनिया का सबसे बड़ा द्वीप है और यह डेनमार्क के अधीन एक स्वशासी क्षेत्र है।
हाल के वर्षों में ट्रंप लगातार यह कहते आए हैं कि अमेरिका को ग्रीनलैंड में रणनीतिक भूमिका निभानी चाहिए। हालांकि डेनमार्क पहले ही साफ कर चुका है कि ग्रीनलैंड न तो बिक्री के लिए है और न ही किसी दूसरे देश के नियंत्रण में जाएगा।
🇪🇺 यूरोप का एकजुट रुख
ग्रीनलैंड को लेकर यूरोपीय संघ और डेनमार्क एक सुर में अमेरिका के रुख का विरोध कर रहे हैं।
यूरोपीय नेताओं का कहना है कि किसी भी देश को दबाव बनाकर क्षेत्रीय नियंत्रण हासिल करने का अधिकार नहीं है।
ट्रंप के हालिया बयान के बाद
- अमेरिका-डेनमार्क रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका
- अमेरिका-EU व्यापार संबंधों पर असर
जताया जा रहा है।
🛡️ अमेरिका क्यों मानता है ग्रीनलैंड को अहम
रणनीतिक विशेषज्ञों के अनुसार:
- ग्रीनलैंड में स्थित थुले एयर बेस अमेरिका की आर्कटिक निगरानी व्यवस्था का अहम हिस्सा है
- जलवायु परिवर्तन के चलते नए समुद्री रास्ते और प्राकृतिक संसाधन सामने आ रहे हैं
- आर्कटिक क्षेत्र में चीन और रूस की बढ़ती दिलचस्पी भी अमेरिका की चिंता बढ़ा रही है
इन्हीं वजहों से ट्रंप प्रशासन ग्रीनलैंड को अपनी सुरक्षा नीति से जोड़कर देख रहा है।
📉 वैश्विक व्यापार पर असर की आशंका
ट्रंप की टैरिफ संबंधी चेतावनी ऐसे समय आई है, जब
- अमेरिका और यूरोप के बीच व्यापार पहले से ही संवेदनशील है
- “अमेरिका फर्स्ट” नीति को फिर से प्राथमिकता दी जा रही है
विशेषज्ञ मानते हैं कि यदि यह रुख आगे बढ़ता है, तो वैश्विक व्यापार संतुलन पर असर पड़ सकता है।
🔎 निष्कर्ष
ग्रीनलैंड को लेकर ट्रंप का बयान केवल भू-राजनीतिक नहीं, बल्कि आर्थिक और कूटनीतिक दबाव की रणनीति का संकेत देता है।
अब देखना होगा कि यूरोप और बाकी देश इस चेतावनी पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या यह मुद्दा अंतरराष्ट्रीय मंचों पर और तेज होता है।
