गुजरात प्रशासन को मुख्यमंत्री का सख्त संदेश: फील्ड विज़िट बढ़ाएं, योजनाओं की जमीनी निगरानी करें

गुजरात के मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने राज्य के सभी जिला कलेक्टरों को सरकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन के लिए फील्ड विज़िट को प्राथमिकता देने के निर्देश दिए हैं। गांधीनगर में आयोजित कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में उन्होंने प्रशासनिक कार्यशैली को और मजबूत बनाने पर जोर दिया।


🏛️ कलेक्टर कॉन्फ्रेंस में क्या बोले मुख्यमंत्री

मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला स्तर पर:

  • सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए फील्ड में जाना जरूरी है
  • ईमानदारी, दक्षता और प्रभावशीलता प्रशासन की बुनियाद होनी चाहिए
  • कलेक्टर पूरे जिले की टीम का नेतृत्व कर योजनाओं के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण क्रियान्वयन की निगरानी करें

📊 विकास कार्यों के लिए पर्याप्त संसाधन

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि राज्य की मजबूत वित्तीय व्यवस्था के चलते:

  • विकास कार्यों के लिए धन की कोई कमी नहीं है
  • जिला स्तर पर चल रही परियोजनाओं को तेज़ और गुणवत्ता-पूर्ण बनाने की जिम्मेदारी प्रशासन की है

🤝 टीमवर्क और नियमों की एकरूपता पर जोर

मुख्यमंत्री भूपेंद्र पटेल ने सभी कलेक्टरों से:

  • आपसी समन्वय और टीमवर्क के साथ काम करने
  • नियमों और परिपत्रों की अलग-अलग व्याख्या से बचने
  • नागरिकों को सेवाओं में अधिक सरलता देने

का आह्वान किया।


🧾 जन समस्याएं और योजनाओं की प्रगति

बैठक में जिला कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि:

  • जनप्रतिनिधियों की प्रस्तुतियों पर समय पर कार्रवाई हो
  • स्वामित्व योजना के तहत प्रॉपर्टी कार्ड वितरण में तेजी लाई जाए
  • जिला स्तर पर फीडबैक सिस्टम को और मजबूत किया जाए

🌱 भूमि संबंधी मामलों के समाधान की पहल

सरकार द्वारा तालुका स्तर पर इंस्पेक्टर ऑफ लैंड रिफॉर्म्स के नए पद स्वीकृत किए गए हैं। इससे:

  • भूमि से जुड़े मामलों की लंबित समस्याएं कम होंगी
  • आम लोगों को राहत मिलेगी
  • कलेक्टरों को इन मामलों की नियमित निगरानी करने को कहा गया है

🏢 नई तालुका इकाइयों पर फोकस

राजस्व राज्य मंत्री संजय सिंह महिडा ने कहा कि:

  • नए गठित तालुका मुख्यालयों में सरकारी कार्यालय जल्द सक्रिय हों
  • नागरिकों को तेजी से सेवाएं मिलें
  • भविष्य में जिला-वार समीक्षा बैठकों का आयोजन किया जाएगा

🔍 आगे की दिशा

राज्य सरकार का लक्ष्य है कि प्रशासनिक व्यवस्था अधिक पारदर्शी, जवाबदेह और जन-केंद्रित बने, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ सीधे लोगों तक पहुंचे।

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