IndiGo ऑपरेशंस पर DGCA की राहत भरी रिपोर्ट, पायलटों की कमी अब नहीं बनी बाधा

देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो को लेकर नागरिक उड्डयन नियामक DGCA ने बड़ा अपडेट दिया है। नियामक के मुताबिक, लगातार निगरानी और सुधारात्मक कदमों के चलते एयरलाइन का परिचालन अब स्थिर स्थिति में आ गया है और पायलटों की उपलब्धता को लेकर स्थिति नियंत्रण में है।


🛫 DGCA की निगरानी से सुधरा फ्लाइट ऑपरेशन

डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ सिविल एविएशन (DGCA) ने बताया कि इंडिगो के ऑपरेशंस पर लगातार नजर रखी जा रही है। रोस्टर प्लानिंग, क्रू मैनेजमेंट और सिस्टम स्ट्रेंथ को बेहतर करने के लिए कई सुधार लागू किए गए हैं, जिससे एयरलाइन के संचालन में स्थिरता आई है।


👨‍✈️ नए फ्लाइंग ड्यूटी नियमों के लिए पर्याप्त पायलट

DGCA के अनुसार, इंडिगो के पास अब नए फ्लाइंग ड्यूटी टाइम लिमिटेशन (FDTL) नियमों का पालन करने के लिए पर्याप्त संख्या में पायलट मौजूद हैं।
आंकड़ों के मुताबिक:

  • ज़रूरत: 2280 पायलट इन कमांड (PIC)
  • उपलब्ध: लगभग 2400 PIC
  • ज़रूरत: 2050 फर्स्ट ऑफिसर
  • उपलब्ध: करीब 2240 फर्स्ट ऑफिसर

यह उपलब्धता भविष्य की परिचालन जरूरतों को भी ध्यान में रखकर आंकी गई है।


⚠️ पिछले महीने उड़ानों की भारी कटौती बनी थी चिंता

पिछले महीने संशोधित FDTL नियमों की तैयारी में कमी के कारण इंडिगो को गंभीर क्रू संकट का सामना करना पड़ा था। इसके चलते एयरलाइन को 5000 से अधिक उड़ानें रद्द करनी पड़ी थीं, जिससे देशभर के यात्रियों को भारी असुविधा झेलनी पड़ी।


💰 DGCA की सख्ती, जुर्माना और शेड्यूल में कटौती

लगातार फ्लाइट कैंसिलेशन के चलते DGCA ने इंडिगो पर 22.20 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। इसके अलावा, एयरलाइन के विंटर शेड्यूल में 10 प्रतिशत की अस्थायी कटौती भी लागू की गई थी, ताकि संचालन पर दबाव कम किया जा सके।


📌 निष्कर्ष

DGCA का कहना है कि फिलहाल इंडिगो की स्थिति नियंत्रण में है और एयरलाइन नए नियमों के अनुसार सुचारु संचालन के लिए तैयार है। हालांकि, नियामक निगरानी आगे भी जारी रहेगी ताकि यात्रियों को भविष्य में इस तरह की परेशानी का सामना न करना पड़े।

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