विभाग: राष्ट्रीय कार्यक्रम / राष्ट्रपति भवन
77वें गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने राष्ट्र को संबोधित किया। अपने संदेश में उन्होंने कहा कि किसान भारत की अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं, जिनकी पीढ़ियों की मेहनत ने देश को खाद्यान्न के क्षेत्र में आत्मनिर्भर बनाया है। यह राष्ट्रपति मुर्मू का पदभार संभालने के बाद चौथा गणतंत्र दिवस संबोधन था।
📜 संविधान और गणतंत्र की यात्रा
विभाग: संविधान / लोकतंत्र
राष्ट्रपति ने कहा कि 15 अगस्त 1947 को देश को आज़ादी मिली और 26 जनवरी 1950 से भारत ने एक लोकतांत्रिक गणराज्य के रूप में अपनी यात्रा शुरू की।
संविधान में निहित न्याय, स्वतंत्रता, समानता और भाईचारा भारत के गणतंत्र की आत्मा हैं, जो देश को एकजुट रखने का मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
🤝 राष्ट्रीय एकता और राष्ट्रवाद
विभाग: राष्ट्रीय एकता
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कहा कि राष्ट्रीय एकता को जीवित रखने वाला हर प्रयास प्रशंसनीय है।
उन्होंने संविधान निर्माताओं की दूरदर्शिता को याद करते हुए कहा कि राष्ट्रवाद और एकता की भावना को संवैधानिक प्रावधानों के माध्यम से मजबूत किया गया है।
🎶 ‘वंदे मातरम’ के 150 वर्ष
विभाग: संस्कृति / विरासत
राष्ट्रपति ने बताया कि राष्ट्रीय गीत ‘वंदे मातरम’ की रचना की 150वीं वर्षगांठ के उपलक्ष्य में देशभर में कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।
यह गीत भारत माता के प्रति सम्मान और नागरिकों में राष्ट्रीय गौरव की भावना को मजबूत करता है।
🎓 शिक्षा और स्वास्थ्य में आदिवासी सशक्तिकरण
विभाग: शिक्षा व जनजातीय विकास
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि
- नेशनल सिकल सेल एनीमिया एलिमिनेशन मिशन के तहत 6 करोड़ से अधिक लोगों की स्क्रीनिंग हो चुकी है।
- एकलव्य मॉडल आवासीय स्कूलों में लगभग 1.4 लाख छात्र शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं।
- आदिवासी क्षेत्रों में शिक्षा और स्वास्थ्य से जुड़े अभियान पारंपरिक मूल्यों और आधुनिक विकास के बीच संतुलन बना रहे हैं।
🌾 किसान और कृषि आत्मनिर्भरता
विभाग: कृषि एवं ग्रामीण विकास
राष्ट्रपति ने कहा कि धरती आबा जनजातीय ग्राम उत्कर्ष अभियान और पीएम-जनमन योजना से आदिवासी समुदायों को मजबूती मिली है।
उन्होंने किसानों की भूमिका पर जोर देते हुए कहा कि आज भारत कृषि उत्पादों का निर्यात कर पा रहा है, जो किसानों की मेहनत का प्रत्यक्ष परिणाम है।
🚜 किसानों के लिए सरकारी प्राथमिकताएं
विभाग: सरकारी योजनाएं
राष्ट्रपति ने बताया कि सरकार का फोकस किसानों को—
- उपज का उचित मूल्य
- सस्ता ऋण और बीमा सुरक्षा
- अच्छी गुणवत्ता के बीज
- सिंचाई और उर्वरक सुविधा
- आधुनिक और जैविक खेती का प्रोत्साहन
देने पर है।
पीएम किसान सम्मान निधि किसानों के योगदान को सम्मान और मजबूती प्रदान कर रही है।
