विभाग: 🏛️ राज्य सरकार / नीति-निर्माण
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को हिमालयन कल्चरल सेंटर, गढ़ी कैंट में आयोजित “समान नागरिक संहिता दिवस” समारोह को संबोधित किया। इस अवसर पर उन्होंने यूसीसी लागू करने और क्रियान्वयन में योगदान देने वाले अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित किया।
📜 एक वर्ष में मिले बड़े सामाजिक और प्रशासनिक परिणाम
विभाग: ⚖️ कानून और प्रशासन
सीएम धामी ने कहा कि उत्तराखंड में 27 जनवरी 2025 को समान नागरिक संहिता लागू हुई। इसके लागू होने से राज्य में समानता, सामाजिक न्याय और महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा मिला।
- मुस्लिम महिलाओं को हलाला, बहुविवाह, तीन तलाक और बाल विवाह जैसी प्रथाओं से मुक्ति
- सभी धर्मों के लिए विवाह, विवाह-विच्छेद और उत्तराधिकार से संबंधित नियम समान
- संपत्ति के बंटवारे में बच्चों और परिवार के सदस्यों को समान अधिकार
👩👩👧 महिला सशक्तिकरण और युवा सुरक्षा
विभाग: 🌸 समाज / महिला सशक्तिकरण
- यूसीसी लागू होने के बाद लिव-इन रिलेशनशिप का पंजीकरण अनिवार्य किया गया
- बच्चों को जन्म के समय जैविक संतान के समान सभी अधिकार प्राप्त
- विवाह में धोखाधड़ी या दबाव पर सख्त दंड
सीएम ने बताया कि अब राज्य में किसी भी समुदाय के लिए भेदभाव और अन्याय की स्थितियां कम हुई हैं, और मुस्लिम महिलाओं ने इस कानून का स्वागत किया है।
🏆 प्रशासनिक उपलब्धियां: घोषणा से क्रियान्वयन तक
विभाग: 📈 सरकारी सेवाएँ / डिजिटल प्रशासन
- यूसीसी लागू होने के बाद विवाह पंजीकरण संख्या बढ़कर प्रतिदिन 1400+
- 30%+ ग्राम पंचायतों में शत-प्रतिशत विवाह पंजीकरण
- एक वर्ष में 5 लाख से अधिक आवेदन प्राप्त, 95% निस्तारित
- 7,500+ सक्रिय कॉमन सर्विस सेंटर और ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से जनता तक सरकारी सेवाओं की पहुंच
🌐 संविधान और समरसता: मजबूत फैसलों का प्रतीक
विभाग: 🇮🇳 सामाजिक न्याय / संवैधानिक विकास
- समान नागरिक संहिता धर्म या पंथ के खिलाफ नहीं, बल्कि कुप्रथाओं को समाप्त करने और समाज में समानता स्थापित करने का प्रयास
- सीएम धामी ने कहा कि यह कानून देश के अन्य राज्यों को भी प्रेरित करेगा
- बहु विवाह, विवाह विच्छेद, धोखाधड़ी, और हेट-स्पीच से जुड़े मामलों पर कठोर कार्रवाई
🔔 निष्कर्ष
उत्तराखंड में यूसीसी का पहला वर्ष न केवल कानून के सफल क्रियान्वयन का प्रतीक है बल्कि महिला सशक्तिकरण, पारिवारिक समानता और प्रशासनिक पारदर्शिता का भी उदाहरण बन गया है।
