विभाग: 📰 व्यापार / अर्थव्यवस्था
भारत और यूरोपीय संघ (EU) ने ऐतिहासिक मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की घोषणा की है। इस समझौते के लागू होने से लग्जरी कार, वाइन, स्पिरिट, परिधान, रसायन और इलेक्ट्रॉनिक सामान सहित कई चीजों के दाम घटने की संभावना है। यह समझौता भारत के लिए रणनीतिक रूप से बड़ा कदम माना जा रहा है।
🔹 प्रमुख बातें: भारत के सामान यूरोप में
- ऑटोमोबाइल और स्टील को छोड़कर भारत के 93% से अधिक उत्पाद यूरोप में जीरो-टैरिफ के साथ प्रवेश पाएंगे।
- कपड़ा, जूते-चप्पल, फर्नीचर, समुद्री उत्पाद, रसायन, प्लास्टिक, रबर, चमड़ा, रत्न-आभूषण, खिलौने और खेल के सामान यूरोप में सस्ते होंगे।
- अन्य उत्पादों के लिए कोटा-आधारित शुल्क रियायतें और कटौती लागू होगी।
🔹 यूरोप से भारत में सस्ती होने वाली प्रमुख चीजें
- लग्जरी कार: बीएमडब्ल्यू, मर्सिडीज, पोर्श, ऑडी, लेम्बोर्गिनी – भारत में कोटा-आधारित शुल्क कटौती से कीमतें कम होंगी।
- अल्कोहल और बेवरेज: वाइन, बीयर, स्पिरिट – शुल्क 7 साल में क्रमशः 150% से 20-30%, 110% से 50%, और 40% पर आएगा।
- खाद्य और प्रोसेस्ड फूड: पास्ता, बिस्कुट, चॉकलेट, ब्रेड, पेट फूड।
- मशीनरी और इलेक्ट्रिकल उपकरण, विमान और अंतरिक्ष यान, ऑप्टिकल, मेडिकल और सर्जिकल उपकरण।
- लोहा, इस्पात और फार्मास्यूटिकल्स।
🔹 ऑटो सेक्टर और इलेक्ट्रिक व्हीकल्स
- भारत यूरोप से आयात होने वाली कारों पर शुल्क 110% से घटाकर 10% करेगा, सालाना 2.5 लाख कोटे के तहत।
- इलेक्ट्रिक व्हीकल्स (EV) के लिए कोटा-आधारित शुल्क रियायतें पांचवें साल से शुरू होंगी, धीरे-धीरे शुल्क कम होगा।
🔹 भारत का 22वां FTA पार्टनर
- यूरोपीय संघ भारत का 22वां मुक्त व्यापार साझेदार बन गया है।
- इससे पहले भारत ने मॉरीशस, यूएई, ब्रिटेन, ईएफटीए, ओमान, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड के साथ व्यापार समझौते किए हैं।
- यह समझौता लगभग 2 अरब लोगों के बाजार और 20,000 अरब डॉलर के EU बाजार में भारतीय वस्तुओं के लिए अवसर खोलेगा।
💡 निष्कर्ष: इस ऐतिहासिक समझौते से इंडियन कंज्यूमर और एक्सपोर्टर दोनों को फायदा होगा। कपड़े, इलेक्ट्रॉनिक्स, रासायनिक उत्पाद, खेल और लक्जरी सामान सस्ते होंगे, वहीं यूरोप को भारत में कार, वाइन और अन्य उत्पादों के लिए रियायती शुल्क मिलेगा।
