🚨 अपराध / जांच एजेंसियां
जोधपुर में साध्वी प्रेम बाईसा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत को लेकर गठित विशेष जांच दल (SIT) की जांच में अहम जानकारियां सामने आई हैं। SIT प्रमुख और एसीपी छवि शर्मा ने संकेत दिए हैं कि यह मामला सामान्य इलाज या मेडिकल लापरवाही तक सीमित नहीं हो सकता।
💉 मेडिकल जांच
मुख्य आरोपी कंपाउंडर देवी सिंह ने SIT की पूछताछ में स्वीकार किया है कि उसने साध्वी को एक से अधिक इंजेक्शन लगाए थे। पहले केवल डेक्सोना इंजेक्शन की बात सामने आई थी, लेकिन अब अन्य दवाओं के इंजेक्शन दिए जाने की भी पुष्टि हुई है।
SIT यह जांच कर रही है कि
- इंजेक्शनों में कौन-सा साल्ट था
- मात्रा कितनी थी
- और किस उद्देश्य से दवाएं दी गईं
साथ ही आरोपी की मेडिकल योग्यता और अधिकृत इलाज करने की पात्रता की भी जांच की जा रही है।
💰 आर्थिक पहलू / फाइनेंशियल एंगल
जांच का दायरा अब आश्रम से जुड़े बैंक खातों तक बढ़ा दिया गया है।
- आश्रम के आधिकारिक खातों
- और उससे जुड़े प्रमुख लोगों के निजी खातों
की जांच की जा रही है, ताकि किसी भी संदिग्ध लेनदेन या मनी ट्रेल का पता लगाया जा सके।
🧾 प्रशासनिक बयान
SIT प्रमुख एसीपी छवि शर्मा ने स्पष्ट किया है कि
“मामले से जुड़ा हर व्यक्ति फिलहाल शक के दायरे में है। मेडिकल, आर्थिक और परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को जोड़कर जांच की जा रही है।”
जरूरत पड़ने पर साध्वी के पिता से भी पूछताछ की जा सकती है।
⚖️ पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार
इस पूरे मामले की सबसे अहम कड़ी पोस्टमार्टम रिपोर्ट मानी जा रही है, जो 2–3 दिनों में आने की संभावना है।
रिपोर्ट से यह स्पष्ट होगा कि
- मौत दवाओं के ओवरडोज से हुई
- किसी रिएक्शन के कारण हुई
- या शरीर में किसी अन्य जहरीले तत्व की मौजूदगी थी


📌 निष्कर्ष
साध्वी प्रेम बाईसा की मौत का मामला अब मेडिकल, आर्थिक और परिस्थितिजन्य जांच के त्रिकोण में प्रवेश कर चुका है। पुलिस हर पहलू को सावधानी से खंगाल रही है और आने वाले दिनों में SIT की जांच से और बड़े खुलासे होने की संभावना है।
