🛡️ राष्ट्रीय सुरक्षा / आतंकवाद विरोधी अभियान
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद के खिलाफ सुरक्षाबलों का अभियान तेज हो गया है। ऑपरेशन त्राशी-I के तहत किश्तवाड़ जिले के डोलगाम और चत्रू इलाकों में आतंकियों और सुरक्षाबलों के बीच मुठभेड़ हुई है। यह ऑपरेशन जनवरी 2026 में शुरू किया गया था, जिसका उद्देश्य जम्मू क्षेत्र के पहाड़ी और जंगलों वाले इलाकों में सक्रिय आतंकियों के नेटवर्क को खत्म करना है।
⚔️ ग्राउंड ऑपरेशन / मुठभेड़ अपडेट
ANI की रिपोर्ट के अनुसार, 31 जनवरी 2026 की सुबह किश्तवाड़ के संवेदनशील इलाकों में सुरक्षाबलों ने आतंकियों की मौजूदगी की सूचना के बाद घेराबंदी और तलाशी अभियान शुरू किया। इसके दौरान दोनों ओर से फायरिंग हुई। फिलहाल पूरे इलाके को सील कर दिया गया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। अब तक किसी के हताहत होने की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
🛰️ सीमा सुरक्षा / ड्रोन गतिविधि
इसी बीच जम्मू जिले के सीमावर्ती गांव चालियारी में पाकिस्तानी ड्रोन के भारतीय सीमा में घुसपैठ करने की घटना सामने आई है।
- BSF ने 4 राउंड फायरिंग की
- ड्रोन वापस पाकिस्तानी सीमा की ओर लौट गया
घटना के बाद पूरे क्षेत्र में अतिरिक्त निगरानी और तलाशी अभियान चलाया जा रहा है।
🧠 खुफिया इनपुट / ऑपरेशन की पृष्ठभूमि
ऑपरेशन त्राशी-I एक संयुक्त अभियान है, जिसमें भारतीय सेना, जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF शामिल हैं। खुफिया एजेंसियों को लगातार इनपुट मिल रहे थे कि पाकिस्तान समर्थित आतंकी संगठन, खासकर जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े आतंकी, किश्तवाड़ के जंगलों और पहाड़ी इलाकों में ठिकाने बनाकर सक्रिय हैं। इन्हीं सूचनाओं के आधार पर इस ऑपरेशन को लॉन्च किया गया।
🏔️ रणनीति / भौगोलिक चुनौतियां
किश्तवाड़ का डोलगाम और चत्रू क्षेत्र भौगोलिक रूप से बेहद कठिन माना जाता है।
- घने जंगल
- ऊंचे पहाड़
- सीमित सड़क संपर्क
इन चुनौतियों के बावजूद सुरक्षाबल ड्रोन निगरानी, रियल-टाइम कम्युनिकेशन और अतिरिक्त बलों की तैनाती के जरिए आतंकियों को घेरने की रणनीति पर काम कर रहे हैं।
📢 सुरक्षा संदेश / बड़ा संकेत
ऑपरेशन त्राशी-I को जम्मू क्षेत्र में आतंकवाद के खिलाफ सख्त संदेश के तौर पर देखा जा रहा है। हाल के वर्षों में आतंकी जम्मू के पहाड़ी जिलों को नया ठिकाना बनाने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन इस अभियान के जरिए सुरक्षाबलों ने साफ कर दिया है कि आतंकियों के लिए कोई भी इलाका सुरक्षित नहीं है।
📌 निष्कर्ष
किश्तवाड़ में जारी ऑपरेशन त्राशी-I और सीमा पर ड्रोन घुसपैठ की घटनाएं यह दिखाती हैं कि सुरक्षा एजेंसियां हर मोर्चे पर सतर्क हैं। आने वाले दिनों में इस ऑपरेशन से जुड़े और अहम खुलासे होने की संभावना है।
