Budget 2026: 92 साल पुरानी रेल बजट परंपरा का अंत, क्या बदला और क्यों?


🏛️ इतिहास और परंपरा (Historical Context)

  • भारत में अलग रेल बजट की परंपरा 1924 में ब्रिटिश शासन के दौरान शुरू हुई थी।
  • स्वतंत्रता के बाद यह परंपरा जारी रही।
  • रेल बजट में नई ट्रेनें, किराया/भाड़ा बदलाव, नई लाइनें और अन्य घोषणाएं शामिल होती थीं।

📉 परंपरा समाप्त करने का कारण (Why the Railway Budget Ended)

  • 2016 में नीति आयोग की समिति (बिबेक देबरॉय अध्यक्ष) ने व्हाइट पेपर पेश किया।
  • निष्कर्ष: भारत दुनिया का एकमात्र देश था जहां अलग रेल बजट होता था।
  • रेलवे का बजट में हिस्सा घटकर 11-15% रह गया था।
  • अलग बजट से दोहराव, देरी और वित्तीय अस्पष्टता बढ़ती थी।
  • 21 सितंबर 2016 को कैबिनेट ने इसे केंद्रीय बजट में विलय करने को मंजूरी दी।
  • 1 फरवरी 2017 से पहला संयुक्त केंद्रीय बजट पेश किया गया।

⚖️ विलय के बाद प्रमुख बदलाव और फायदे (Key Changes & Benefits)

  1. पारदर्शिता में वृद्धि
    • अब सरकार की सारी आय-व्यय एक ही दस्तावेज में आती है।
    • संसदीय निगरानी और जनता के लिए ट्रैकिंग आसान हुई।
  2. डिविडेंड का बोझ खत्म
    • रेलवे को सरकार को वार्षिक लाभांश देना नहीं पड़ता।
    • इससे विकास, सुरक्षा और आधुनिकीकरण के लिए धन उपलब्ध हुआ।
  3. बेहतर समन्वय
    • रेल, सड़क और जलमार्ग जैसी योजनाओं का एकीकृत दृष्टिकोण संभव हुआ।
    • फंड आवंटन और परियोजनाओं की मंजूरी तेज हुई।
  4. प्रक्रिया सरलीकरण
    • अब केवल एक Appropriation Bill बनता है।
    • संसदीय चर्चा और क्रियान्वयन में समय की बचत हुई।
  5. रेलवे की वित्तीय मजबूती
    • वंदे भारत ट्रेनें, अमृत भारत स्टेशन योजना, कवच सिस्टम जैसी पहलें संभव हुईं।

📊 आज रेलवे की वित्तीय व्यवस्था (Current Financial Structure)

  • रेलवे अब भी स्वतंत्र रूप से काम करता है, लेकिन केंद्रीय बजट में विस्तृत ब्योरा पेश होता है।
  • योजनाएं, खर्च और राजस्व वित्त मंत्रालय के साथ समन्वय से तय होते हैं।
  • यह बदलाव संसाधनों के बेहतर उपयोग और निवेश के लिए मार्गदर्शक साबित हुआ।

🔍 निष्कर्ष (Conclusion)

92 साल पुरानी रेल बजट परंपरा का अंत केवल औपचारिक बदलाव नहीं था, बल्कि भारत की सार्वजनिक वित्त व्यवस्था में एक संरचनात्मक सुधार था।

  • दोहराव और अस्पष्टता कम हुई
  • संसाधनों का बेहतर उपयोग सुनिश्चित हुआ
  • रेलवे के विकास और निवेश की दिशा मजबूत हुई
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