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- Budget 2026: सर्जिकल रोबोटिक्स और मेडटेक सेक्टर को सरकार का बड़ा बूस्ट मिल सकता है
💡 सेक्टर का वर्तमान परिदृश्य (Current Scenario)
- भारत का मेडटेक सेक्टर तेजी से बदल रहा है।
- अब सर्जिकल रोबोटिक्स, AI और एडवांस्ड मेडिकल डिवाइसेज केवल भविष्य की तकनीक नहीं, बल्कि मौजूदा जरूरत बन गए हैं।
- मजबूत क्लिनिकल टैलेंट, इंजीनियरिंग क्षमता और कम लागत भारत को वैश्विक हब बनाने की क्षमता देते हैं।
- सबसे बड़ी चुनौती नीति और सरकारी समर्थन की कमी है।
🌐 भारत का ग्लोबल लीडर बनने का मौका (Global Leadership Potential)
- विशेषज्ञ मानते हैं कि भारत सिर्फ उपभोक्ता नहीं, बल्कि मैन्युफैक्चरिंग और इनोवेशन का केंद्र बन सकता है।
- हाई-एंड मेडटेक सेगमेंट में ‘मेक इन इंडिया’ वैश्विक पहचान हासिल कर सकता है।
🔬 R&D और स्वदेशी मैन्युफैक्चरिंग पर जोर (R&D & Local Manufacturing)
- इंडस्ट्री की मांग है कि स्वदेशी रिसर्च एंड डेवलपमेंट (R&D) को प्रोत्साहन मिले।
- कंपोनेंट-लेवल मैन्युफैक्चरिंग बढ़े ताकि आयात पर निर्भरता कम हो और लागत घटे।
- अस्पतालों में एडवांस टेक्नोलॉजी के क्लिनिकल एडॉप्शन को तेज करने के लिए नीतिगत सहूलियतें जरूरी हैं।
💰 GST और टैक्स इंसेंटिव (Tax & Finance Support)
- घरेलू मेडिकल डिवाइसेज़ पर GST को तर्कसंगत बनाने की मांग।
- टैक्स इंसेंटिव और लो-कॉस्ट फाइनेंस से स्टार्टअप्स और इंडियन कंपनियों को बूस्ट मिलेगा।
- सरल और अनुकूल टैक्स स्ट्रक्चर से इन्वेस्टमेंट और इनोवेशन दोनों को गति मिलेगी।
📜 रेगुलेटरी और एक्सपोर्ट सुधार (Regulatory & Export Reforms)
- मेडटेक कंपनियां चाहती हैं कि रेगुलेटरी अप्रूवल और एक्सपोर्ट प्रोसेस सरल हों।
- इससे घरेलू बाजार में नई तकनीकों की एंट्री तेज होगी और भारतीय मेडटेक को ग्लोबल मार्केट तक पहुँचने में मदद मिलेगी।
🔍 बजट 2026 से उम्मीदें (Expectations from Budget 2026)
- सरकार के नीति, टैक्स और फाइनेंसिंग कदम मेडटेक सेक्टर के लिए टर्निंग पॉइंट साबित हो सकते हैं।
- सही नीतियों से भारत सर्जिकल रोबोटिक्स और एडवांस हेल्थकेयर टेक्नोलॉजी में दुनिया का अगला बड़ा लीडर बन सकता है।
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