फिलीपींस में भीषण आग से तबाही, 1000 से ज्यादा घर जलकर खाक, 5000 से अधिक लोग बेघर


दक्षिणी फिलीपींस के बोंगाओ इलाके में मंगलवार रात लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचा दी। एक छोटे से द्वीप पर फैली इस आग ने देखते ही देखते पूरे रिहायशी इलाके को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में 1000 से अधिक मकान जलकर राख हो गए, जबकि 5000 से ज्यादा लोग बेघर हो गए हैं।


कहां और कैसे लगी आग?

समाचार एजेंसी PNA के अनुसार, आग की शुरुआत ‘बरांगाय लामियन’ क्षेत्र से हुई। यह इलाका एक छोटे द्वीप पर स्थित है, जहां अधिकांश घर पानी के ऊपर लकड़ी के खंभों पर बने होते हैं।
घरों का निर्माण लकड़ी, बांस और नारियल के पत्तों जैसी ज्वलनशील सामग्री से किया गया था। मकान एक-दूसरे से बेहद सटे होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल गई।


चार घंटे तक धधकती रही आग

तेज हवाओं के कारण आग ने कुछ ही समय में विकराल रूप ले लिया। करीब चार घंटे तक लगातार आग जलती रही, जिससे पूरे इलाके को खाली कराना पड़ा। हालात इतने गंभीर थे कि लोग अपने घरों से जरूरी सामान तक नहीं निकाल सके।


नुकसान का दायरा बेहद बड़ा

इस भीषण हादसे में

  • 1000 से अधिक घर पूरी तरह नष्ट हो गए
  • 5000 से ज्यादा लोग बेघर हो चुके हैं
  • हजारों परिवार खुले आसमान के नीचे या अस्थायी राहत शिविरों में शरण लेने को मजबूर हैं

स्थानीय प्रशासन के अनुसार, प्रभावितों की संख्या और बढ़ सकती है।


सोशल मीडिया पर वायरल हुए भयावह वीडियो

आग की भयावहता के वीडियो और तस्वीरें सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही हैं। वायरल फुटेज में रात के अंधेरे में उठती ऊंची लपटें और काला धुआं साफ देखा जा सकता है। दूर से पूरा इलाका जलता हुआ नजर आ रहा था, जिसने लोगों को दहशत में डाल दिया।


आग इतनी तेजी से क्यों फैली?

विशेषज्ञों के मुताबिक, ऐसे द्वीपीय इलाकों में आग फैलने की आशंका ज्यादा रहती है, क्योंकि:

  • घर अत्यंत घनी आबादी वाले होते हैं
  • निर्माण में ज्वलनशील सामग्री का उपयोग होता है
  • फायर ब्रिगेड की गाड़ियां पानी पर बसे इलाकों तक आसानी से नहीं पहुंच पातीं
  • तेज हवाएं आग को और भड़का देती हैं

राहत और जांच जारी

अधिकारियों ने अभी आग लगने के सटीक कारण की पुष्टि नहीं की है। प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट या गैस रिसाव को वजह माना जा रहा है।
स्थानीय सरकार और राहत एजेंसियां प्रभावित लोगों को भोजन, पानी, कपड़े और अस्थायी आवास उपलब्ध कराने में जुटी हैं। प्रशासन का कहना है कि पुनर्वास प्रक्रिया में लंबा समय लग सकता है।

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