वाशिंगटन। अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने राष्ट्रपति विमान एयर फोर्स वन के लुक में बड़े बदलाव का आदेश दिया है। अब यह ऐतिहासिक विमान लाल, सफेद और गहरे नीले (डार्क ब्लू) रंगों में नजर आएगा। ट्रंप का मानना है कि यह रंग योजना अमेरिकी झंडे की भावना को ज्यादा मजबूती से दर्शाती है और देश की ताकत व नेतृत्व का प्रतीक बनेगी।
✈️ क्या है नया रंग डिजाइन? (एयर फोर्स विभाग की जानकारी)
अमेरिकी वायुसेना के अनुसार, एयरफोर्स वन के लिए नई पेंट स्कीम में लाल, सफेद, सोने और गहरे नीले रंगों का इस्तेमाल होगा। यह डिजाइन न केवल राष्ट्रपति के विमान पर लागू होगी, बल्कि उन छोटे जेट विमानों पर भी की जाएगी, जिनका उपयोग शीर्ष सरकारी अधिकारी आधिकारिक यात्राओं में करते हैं। वायुसेना ने इस नए लुक की रेंडरिंग भी जारी की है, जो ओवल ऑफिस में विदेशी नेताओं को दिखाए गए मॉडल से मेल खाती है।
🛫 कौन से विमान होंगे शामिल? (बोइंग और टेक्निकल अपडेट)
कंपनी बोइंग दो नए 747-8i विमानों को संशोधित कर रही है, जो मौजूदा पुराने 747-200 विमानों की जगह लेंगे। राष्ट्रपति के सवार होते ही ये विमान “एयर फोर्स वन” कॉल साइन लेते हैं। वायुसेना ने यह भी बताया है कि एक तीसरा 747-8i जेट भी इसी नई रंग योजना में पेंट किया जाएगा।
🔁 2018 से 2023 तक का विवाद (नीति बदलाव का इतिहास)
2018 में ट्रंप ने केनेडी-युग की हल्की नीली (बेबी ब्लू) डिजाइन को बदलने का निर्देश दिया था। हालांकि, लागत बढ़ने और डिलीवरी में देरी की आशंका के चलते 2023 में तत्कालीन राष्ट्रपति जो बाइडेन ने इस फैसले को पलट दिया था। अब ट्रंप के दोबारा आदेश के बाद यह बदलाव फिर चर्चा में है।
🇺🇸 ‘पावर ब्लू’ क्यों? (राष्ट्रपति का तर्क)
ट्रंप लंबे समय से मौजूदा हल्के नीले रंग को “बेबी ब्लू” कहकर आलोचना करते रहे हैं। उनका कहना है कि अमेरिका जैसे ताकतवर देश के राष्ट्रपति विमान को ‘पावर ब्लू’ में होना चाहिए, जो शक्ति, आत्मविश्वास और देशभक्ति का प्रतीक बने।
🛡️ सुरक्षा और लागत (रक्षा विभाग का पक्ष)
रक्षा मंत्री पीट हेगसेथ के अनुसार, विमानों में किए जाने वाले सुरक्षा संशोधनों की लागत 400 मिलियन डॉलर से कम रहेगी। हालांकि, इसके विस्तृत ब्योरे सार्वजनिक नहीं किए गए हैं।
निष्कर्ष
एयरफोर्स वन का यह नया रंग-रूप केवल पेंट बदलने का फैसला नहीं, बल्कि अमेरिका की शक्ति, पहचान और कूटनीतिक संदेश का प्रतीक माना जा रहा है। ‘बेबी ब्लू’ से ‘पावर ब्लू’ तक का यह सफर ट्रंप की राष्ट्रवादी सोच और अमेरिकी झंडे के रंगों को वैश्विक मंच पर और अधिक प्रमुखता देने की कोशिश को दर्शाता है।
