मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के सिंगापुर दौरे के पहले ही दिन उत्तर प्रदेश को निवेश और कौशल विकास के मोर्चे पर बड़ी उपलब्धि मिली है। राज्य सरकार और अंतरराष्ट्रीय निवेशकों के बीच कुल ₹19,877 करोड़ के निवेश प्रस्तावों पर सहमति बनी है, जिन्हें प्रदेश की अर्थव्यवस्था और रोजगार सृजन के लिए अहम माना जा रहा है।
आधिकारिक बैठकों और निवेशक संवाद के दौरान मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि उत्तर प्रदेश सरकार निवेशकों को पारदर्शी नीतिगत ढांचा, त्वरित स्वीकृतियां और बेहतर बुनियादी सुविधाएं देने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
🏗️ कौन-कौन सी कंपनियां करेंगी निवेश?
- यूनिवर्सल सक्सेस ग्रुप
ग्रुप हाउसिंग, लॉजिस्टिक पार्क और डेटा सेंटर परियोजनाओं में ₹6,650 करोड़ निवेश का प्रस्ताव। इससे शहरी विकास, औद्योगिक गतिविधियों और डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर को गति मिलेगी। - गोल्डन स्टेट कैपिटल (GSC)
उत्तर प्रदेश में 100 मेगावाट क्षमता के डेटा सेंटर की स्थापना के लिए ₹8,000 करोड़ निवेश। यह परियोजना यूपी को डेटा सेंटर हब बनाने की दिशा में बड़ा कदम मानी जा रही है। - प्राइवेट इन्फ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट ग्रुप (PIDG)
नवीकरणीय ऊर्जा, ग्रीन हाइड्रोजन और एग्री-पीवी परियोजनाओं में ₹2,500 करोड़ का निवेश। - एवीपीएन लिमिटेड (AVPN)
नवीकरणीय ऊर्जा और एग्री-पीवी क्षेत्र में ₹2,727 करोड़ की निवेश प्रतिबद्धता।
इन पहलों से प्रदेश के हरित ऊर्जा लक्ष्यों को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
🎓 निवेश के साथ कौशल विकास पर भी जोर
सिंगापुर दौरे के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कौशल विकास को भी प्राथमिकता दी। तकनीकी और व्यावसायिक शिक्षा एवं प्रशिक्षण (TVET) को सशक्त बनाने के लिए आईटीई एजुकेशन सर्विसेज (ITEES) के साथ सहयोग समझौते पर हस्ताक्षर किए गए।
इस साझेदारी के तहत:
- शैक्षणिक विकास
- बुनियादी ढांचे का उन्नयन
- नेतृत्व और क्षमता निर्माण
- ISQ प्रमाणन और क्वालिटी एश्योरेंस
जैसे क्षेत्रों में तकनीकी सहयोग मिलेगा। उद्देश्य है कि उत्तर प्रदेश की कौशल व्यवस्था को वैश्विक मानकों के अनुरूप विकसित किया जाए।
🔎 निष्कर्ष
सीएम योगी के सिंगापुर दौरे का पहला दिन ही उत्तर प्रदेश के लिए निवेश, रोजगार और कौशल विकास के लिहाज से बेहद सफल रहा। लगभग ₹20,000 करोड़ के MoU यह संकेत देते हैं कि वैश्विक निवेशकों का भरोसा यूपी की नीतियों और संभावनाओं पर लगातार बढ़ रहा है।
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