🗳️ राजनीति / महाराष्ट्र पॉलिटिक्स
अजित पवार के असामयिक निधन के बाद महाराष्ट्र की राजनीति में सबसे बड़ा सवाल यही है कि अब NCP (अजित पवार गुट) की कमान कौन संभालेगा। पार्टी संगठन, सरकार और बारामती की राजनीति में अजित पवार की भूमिका बेहद अहम थी, ऐसे में उनके उत्तराधिकारी को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं। फिलहाल कोई औपचारिक फैसला नहीं हुआ है, लेकिन पार्टी के भीतर दावेदारों के नाम सामने आने लगे हैं।
👪 पवार परिवार / पारिवारिक दावेदार
अजित पवार के परिवार से तीन नाम उत्तराधिकारी की दौड़ में माने जा रहे हैं:
- सुनेत्रा पवार
अजित पवार की पत्नी और वर्तमान राज्यसभा सांसद। अंतिम संस्कार के बाद कई वरिष्ठ नेताओं ने उनसे मुलाकात की, जिसके बाद उन्हें पार्टी और सरकार में बड़ी जिम्मेदारी देने की अटकलें तेज हो गईं। कुछ नेताओं ने उन्हें उपमुख्यमंत्री बनाए जाने की मांग भी उठाई है। - पार्थ पवार
अजित पवार के बड़े बेटे। 2019 में लोकसभा चुनाव लड़ चुके हैं, हालांकि उन्हें सफलता नहीं मिली थी। अनुभव की कमी और पुराने विवाद उनकी राह में चुनौती बन सकते हैं। - जय पवार
अजित पवार के छोटे बेटे। अभी तक सक्रिय राजनीति में सामने नहीं आए हैं, लेकिन युवा नेतृत्व के तौर पर भविष्य का विकल्प माने जा रहे हैं।
🏢 पार्टी संगठन / परिवार से बाहर के दावेदार
पवार परिवार के बाहर भी तीन बड़े नेताओं के नाम चर्चा में हैं:
- प्रफुल्ल पटेल
NCP के कार्यकारी अध्यक्ष और पार्टी के सबसे अनुभवी नेताओं में से एक। संगठन पर मजबूत पकड़ और रणनीतिक अनुभव उनकी बड़ी ताकत मानी जा रही है। - छगन भुजबल
पार्टी के वरिष्ठ ओबीसी नेता। प्रशासनिक और राजनीतिक अनुभव के कारण उनका नाम भी संभावित उत्तराधिकारियों में शामिल है, हालांकि पुराने विवाद उनकी चुनौती हो सकते हैं। - सुनील तटकरे
NCP (अजित पवार गुट) के महाराष्ट्र अध्यक्ष और लोकसभा सांसद। अजित पवार के करीबी माने जाते हैं और संगठनात्मक अनुभव के कारण मजबूत दावेदार हैं।
🤝 राजनीतिक गतिविधि / हालिया मुलाकातें
अजित पवार के अंतिम संस्कार के बाद NCP के दोनों धड़ों के कई वरिष्ठ नेताओं ने सुनेत्रा पवार से मुलाकात की। इसके बाद यह चर्चा शुरू हुई कि उन्हें नेतृत्व संभालने के लिए कहा गया है। हालांकि सार्वजनिक तौर पर इसे शिष्टाचार भेंट बताया गया है और किसी औपचारिक राजनीतिक बातचीत की पुष्टि नहीं हुई है।
🔍 संभावित नया एंगल / पार्टी एकता
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि अजित पवार के निधन के बाद पवार परिवार एक बार फिर एकजुट हो सकता है। यह भी कयास लगाए जा रहे हैं कि NCP के दोनों धड़ों के बीच भविष्य में विलय की संभावना बन सकती है। इस स्थिति में नेतृत्व का स्वरूप अलग हो सकता है और पार्टी को नया संतुलन मिल सकता है।
📌 निष्कर्ष
फिलहाल NCP की कमान को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट नहीं है। पार्टी को जल्द ही संगठन और सरकार दोनों के लिए नेतृत्व तय करना होगा। यह फैसला न सिर्फ NCP बल्कि महाराष्ट्र की राजनीति की दिशा भी तय कर सकता है।
