Ajit Pawar Plane Crash: ब्लैक बॉक्स सुरक्षित, जांच आधिकारिक रूप से शुरू

महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री अजीत पवार की विमान दुर्घटना के बाद नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने पुष्टि की है कि विमान का ब्लैक बॉक्स सुरक्षित रूप से बरामद कर लिया गया है। इसे जांच एजेंसियों की निगरानी में रखा गया है और इससे हादसे से जुड़े तकनीकी पहलुओं को समझने में मदद मिलेगी।


🕵️‍♂️ विमान दुर्घटना जांच

AAIB कर रहा है विस्तृत और पारदर्शी जांच

विमान दुर्घटना जांच ब्यूरो (AAIB) ने इस हादसे की औपचारिक जांच शुरू कर दी है। मंत्रालय के अनुसार जांच पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और समयबद्ध होगी, ताकि दुर्घटना के कारणों का स्पष्ट पता लगाया जा सके और भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचाव किया जा सके।


📡 तकनीकी और ऑपरेशनल पहलू

उड़ान से जुड़े सभी रिकॉर्ड खंगाले जा रहे

दुर्घटनास्थल से प्राप्त तकनीकी डेटा, ऑपरेशनल दस्तावेज और उड़ान से जुड़े रिकॉर्ड्स की बारीकी से जांच की जा रही है। इन जानकारियों से यह समझने में मदद मिलेगी कि हादसे से पहले विमान और चालक दल की स्थिति क्या थी।


🛬 एयर ट्रैफिक कंट्रोल

लैंडिंग से पहले ATC और पायलट के बीच संवाद

DGCA द्वारा साझा जानकारी के अनुसार, दुर्घटना से ठीक पहले पायलट और ग्राउंड पर मौजूद एयर ट्रैफिक कंट्रोल (ATC) के बीच बातचीत हुई थी। विमान ने बारामती में दो बार उतरने का प्रयास किया, जहां हवाई अड्डा “अनियंत्रित” श्रेणी में आता है।


🌫️ मौसम और विजिबिलिटी

कम दृश्यता में लैंडिंग बनी जांच का मुख्य बिंदु

DGCA सूत्रों के अनुसार जांच का फोकस इस बात पर है कि कम विजिबिलिटी के बावजूद लैंडिंग की कोशिश क्यों की गई। शुरुआती जानकारी में रनवे दिखाई न देने की बात सामने आई थी, हालांकि बाद में दृश्य संपर्क की पुष्टि के बाद उतरने की अनुमति दी गई।


⏱️ अंतिम क्षण

अनुमति के एक मिनट बाद दिखी आग

नागरिक उड्डयन मंत्रालय के अनुसार सुबह 8:43 बजे विमान को लैंडिंग की अनुमति दी गई थी और इसके करीब एक मिनट बाद ATC ने विमान को आग की चपेट में देखा। इन्हीं अंतिम पलों की कड़ी को जांच में अहम माना जा रहा है।


🕯️ हादसे में जान गंवाने वाले

पांच लोगों की गई जान

इस दुर्घटना में अजीत पवार के साथ उनके सुरक्षा अधिकारी, पायलट-इन-कमांड, फर्स्ट ऑफिसर और फ्लाइट अटेंडेंट की मौत हुई। राज्य और देश भर में इस घटना को लेकर शोक की लहर है।


🔍 आगे की दिशा

भविष्य में सुरक्षा उपायों पर भी जोर

नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने भरोसा दिलाया है कि जांच के निष्कर्षों के आधार पर जरूरी सुधारात्मक कदम उठाए जाएंगे, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं को रोका जा सके।

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