🏛️ राष्ट्रीय राजनीति
केंद्रीय गृह मंत्री और वरिष्ठ भाजपा नेता अमित शाह ने पश्चिम बंगाल में एक कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान तृणमूल कांग्रेस (TMC) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने दावा किया कि आने वाले विधानसभा चुनाव में राज्य में सत्ता परिवर्तन तय है और पहली बार बंगाल में भाजपा की सरकार बनेगी।
⚖️ कानून-व्यवस्था एवं राष्ट्रीय सुरक्षा
अमित शाह ने आरोप लगाया कि पश्चिम बंगाल में अवैध घुसपैठियों को संरक्षण दिया जा रहा है और सीमा सुरक्षा उपायों में जानबूझकर बाधा डाली जा रही है। उन्होंने कहा कि जाली दस्तावेजों के जरिए अवैध प्रवासियों को देश के अन्य हिस्सों में भेजा जा रहा है, जो राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर चुनौती है।
💰 भ्रष्टाचार / प्रशासन
गृह मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार ने पश्चिम बंगाल को 10 लाख करोड़ रुपये से अधिक की सहायता दी, लेकिन उसका लाभ आम लोगों तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र से भेजा गया धन TMC सिंडिकेट और कट मनी व्यवस्था में चला गया। अमित शाह ने भरोसा दिलाया कि भाजपा सरकार बनने पर हर रुपया सीधे गरीबों और गांवों तक पहुंचेगा।
🚨 राजनीतिक हिंसा के आरोप
अमित शाह ने आरोप लगाया कि चुनावी हिंसा में भाजपा के कई कार्यकर्ताओं की जान गई, सैकड़ों घायल हुए और अनेक लोगों को झूठे मामलों में जेल भेजा गया। उन्होंने कार्यकर्ताओं से शहीद साथियों की याद में पूरी ताकत से चुनाव लड़ने की अपील की।
🏗️ विकास बनाम शासन
उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पश्चिम बंगाल में 12 नई ट्रेनों की शुरुआत और अन्य विकास कार्यों का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार ने राज्य के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी, लेकिन राज्य सरकार की कार्यप्रणाली के कारण आम जनता तक लाभ नहीं पहुंच पाया।
🔍 हालिया घटनाएं और आरोप
कोलकाता के पास आनंदपुर में मोमो फैक्टरी में लगी आग का जिक्र करते हुए अमित शाह ने इसे हादसा नहीं, बल्कि प्रशासनिक लापरवाही और भ्रष्ट व्यवस्था का परिणाम बताया।
🏛️ राज्य राजनीति / चुनौती
भाजपा नेता ने आरोप लगाया कि बंगाल में भ्रष्टाचार अब संस्थागत रूप ले चुका है। उन्होंने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को चुनौती दी कि यदि वह गंभीर हैं तो विधानसभा चुनाव में दागी मंत्रियों को टिकट न दें।
📌 निष्कर्ष
अमित शाह के भाषण से साफ है कि भाजपा बंगाल चुनाव को भ्रष्टाचार, सुरक्षा और विकास के मुद्दों पर केंद्रित करना चाहती है। वहीं TMC सरकार पर सीधे तौर पर शासन और कानून-व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े किए गए हैं।
