Budget 2026: लोकलुभावन वादों से दूर ‘लोक कल्याण’ पर फोकस, 85 मिनट के भाषण में क्या रहा खास?


💼 राष्ट्रीय / बजट 2026

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लगातार नौवां आम बजट पेश किया।
  • यह पहला बजट है जो नवनिर्मित कर्तव्य भवन में तैयार किया गया।
  • बजट का मूल मंत्र रहा — “लोकलुभावन के ऊपर लोक” (People over Populism)

🗣️ बजट भाषण की शैली

  • वित्त मंत्री ने 85 मिनट का भाषण पूरी शांति, सादगी और आत्मविश्वास के साथ दिया।
  • भाषण में
    • कोई काव्य पंक्तियां नहीं
    • कोई अलंकरण नहीं
    • कोई तमिल उद्धरण नहीं
  • भाषण का अंत कविता की जगह Ease of Living और ‘जय हिंद’ के उद्घोष के साथ हुआ।

👕 राजनीतिक संकेत / प्रतीक

  • आगामी विधानसभा चुनावों को ध्यान में रखते हुए
    • निर्मला सीतारमण ने तमिलनाडु की पारंपरिक कांचीवरम रेशमी साड़ी पहनी।
  • इसे बजट भाषण का एकमात्र राजनीतिक संकेत माना गया।

🎯 बजट के तीन मुख्य लक्ष्य

कर्तव्य भवन की सोच से प्रेरित होकर बजट में तीन प्राथमिक लक्ष्य तय किए गए—

  1. तेज और टिकाऊ आर्थिक वृद्धि
  2. जन आकांक्षाओं की पूर्ति
  3. क्षमता निर्माण और ‘सबका साथ, सबका विकास’ का प्रभावी क्रियान्वयन

👩‍🎓 युवा और भविष्य केंद्रित बजट

  • बजट में युवा शक्ति पर विशेष जोर।
  • प्रस्ताव ‘विकसित भारत यंग लीडर्स डायलॉग 2026’ से प्रेरित बताए गए।
  • इसे स्पष्ट रूप से यूथ-सेंट्रिक बजट के रूप में पेश किया गया।

🧑‍🌾 सामाजिक न्याय और कल्याण

  • मोदी सरकार का फोकस
    • गरीब
    • वंचित
    • पिछड़े वर्गों
      के उत्थान पर केंद्रित रहा।
  • लोकलुभावन घोषणाओं के बजाय ठोस सुधारों को प्राथमिकता दी गई।

💸 टैक्सपेयर्स को राहत

  • ईमानदार टैक्सपेयर्स के लिए नियम सरल किए गए।
  • पुराने मामलों में
    • दंड की जगह
    • अतिरिक्त राशि देकर
      मामलों के निपटारे का विकल्प दिया गया।

📌 बजट 2026 की खास पहचान

  • चुनावी राज्यों के बावजूद फ्रीबी कल्चर से दूरी
  • अनिश्चित वैश्विक माहौल में सुधारों पर भरोसा
  • विकास, स्थिरता और जीवनयापन की सुविधा पर संतुलित दृष्टिकोण
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