🏛️ राष्ट्रीय / बजट 2026
- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में आम बजट 2026 पेश करते हुए इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 (ISM 2.0) का ऐलान किया।
- सरकार ने इलेक्ट्रॉनिक्स और सेमीकंडक्टर सेक्टर को मजबूत करने के लिए Electronic Component Manufacturing Scheme (ECMS) के तहत खर्च बढ़ाकर ₹40,000 करोड़ कर दिया है।
🔧 टेक्नोलॉजी / सेमीकंडक्टर
सेमीकंडक्टर क्यों हैं इतने जरूरी?
- आज के दौर में सेमीकंडक्टर हर तकनीक की रीढ़ बन चुके हैं।
- मोबाइल फोन, लैपटॉप, कंप्यूटर, गेमिंग कंसोल, कार, AI आधारित डिवाइस, मेडिकल उपकरण और छोटे घरेलू गैजेट्स—हर जगह चिप की जरूरत है।
- डिजिटल इंडिया, AI, 5G, इलेक्ट्रिक व्हीकल और स्मार्ट डिवाइस के विस्तार के साथ सेमीकंडक्टर की मांग तेजी से बढ़ रही है।
🌍 ग्लोबल इकोनॉमी / रणनीतिक महत्व
- भारत अभी भी सेमीकंडक्टर जरूरतों के लिए चीन, ताइवान और अन्य देशों पर निर्भर है।
- वैश्विक सप्लाई चेन में तनाव और जियो-पॉलिटिकल जोखिमों ने भारत को आत्मनिर्भर बनने की जरूरत का एहसास कराया है।
- ISM 2.0 का लक्ष्य भारत को केवल कंज्यूमर नहीं, बल्कि ग्लोबल सप्लायर बनाना है।
🏭 मैन्युफैक्चरिंग / आत्मनिर्भर भारत
- इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन 2.0 के जरिए
- घरेलू उत्पादन को बढ़ावा
- इनोवेशन और रिसर्च को सपोर्ट
- इलेक्ट्रॉनिक्स कंपोनेंट इकोसिस्टम को मजबूत किया जाएगा।
- इससे भारत की आयात निर्भरता कम होगी और मेक इन इंडिया को नई ताकत मिलेगी।
🛡️ रक्षा, ऑटोमोबाइल और टेलीकॉम सेक्टर
- ISM 2.0 के सफल होने पर
- रक्षा क्षेत्र
- ऑटोमोबाइल और EV
- IT और टेलीकॉम
- कंज्यूमर इलेक्ट्रॉनिक्स
जैसे सेक्टरों में भारत को चिप्स के लिए दूसरे देशों की ओर देखने की मजबूरी खत्म हो सकती है।
🚀 भविष्य की रणनीति
- सरकार का मानना है कि सेमीकंडक्टर सेक्टर में आत्मनिर्भरता
- आर्थिक सुरक्षा
- राष्ट्रीय सुरक्षा
- और टेक्नोलॉजी लीडरशिप
तीनों के लिए जरूरी है।
- ISM 2.0 भारत को हाई-टेक मैन्युफैक्चरिंग हब बनाने की दिशा में एक निर्णायक कदम माना जा रहा है।
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