Budget 2026 पर राहुल गांधी का हमला: ‘युवाओं के पास नौकरी नहीं, किसान परेशान—मोदी सरकार ने असली संकटों को किया नजरअंदाज’


🇮🇳 राष्ट्रीय / संसद

  • केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा आम बजट 2026 पेश किए जाने के बाद विपक्ष की तीखी प्रतिक्रिया सामने आई।
  • कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने बजट को लेकर मोदी सरकार पर गंभीर सवाल खड़े किए।

📢 राहुल गांधी का बयान

  • राहुल गांधी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर बजट की आलोचना करते हुए कहा—
    • युवाओं के पास नौकरियां नहीं हैं,
    • मैन्युफैक्चरिंग सेक्टर गिरावट में है,
    • निवेशक देश से पूंजी निकाल रहे हैं,
    • घरेलू बचत लगातार घट रही है,
    • और किसान परेशान हैं।
  • उन्होंने कहा कि बजट में आने वाले ग्लोबल इकोनॉमिक झटकों को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है।
  • राहुल गांधी के मुताबिक—
    “यह ऐसा बजट है जो सुधार करने से इनकार करता है और भारत के असली संकटों से अनजान है।”

📉 अर्थव्यवस्था / निवेश

  • राहुल गांधी ने कहा कि मौजूदा आर्थिक हालात में जहां निवेश को बढ़ावा देने और रोजगार सृजन की जरूरत है, वहीं बजट इन मुद्दों पर ठोस समाधान पेश करने में विफल रहा है।

🔥 कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे का हमला

  • कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी मोदी सरकार पर तीखा प्रहार किया।
  • उन्होंने कहा— “मोदी सरकार के पास अब कोई नया आइडिया नहीं बचा है।”
  • खरगे के मुताबिक, बजट 2026 देश की आर्थिक, सामाजिक और राजनीतिक चुनौतियों का समाधान नहीं देता।

📜 पॉलिसी विजन पर सवाल

  • खरगे ने X पर लिखा—
    • “मिशन मोड अब चैलेंज रूट बन गया है।”
    • “रिफॉर्म एक्सप्रेस शायद ही किसी रिफॉर्म जंक्शन पर रुकती है।”
  • उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार के पास
    • न कोई स्पष्ट पॉलिसी विजन है,
    • न ही राजनीतिक इच्छाशक्ति

🌾 किसान, असमानता और सामाजिक वर्ग

  • खरगे ने कहा कि
    • किसान अब भी आय सुरक्षा और ठोस कल्याणकारी योजनाओं का इंतजार कर रहे हैं।
    • देश में असमानता ब्रिटिश राज के स्तर से भी आगे निकल चुकी है, लेकिन बजट में इसका जिक्र तक नहीं है।
  • उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में
    • SC, ST, OBC, EWS और अल्पसंख्यक समुदायों के लिए कोई विशेष सहायता नहीं दी गई।

🏛️ राज्य सरकारें और वित्त आयोग

  • खरगे ने कहा कि वित्त आयोग की सिफारिशों का अध्ययन जरूरी है, लेकिन ऐसा नहीं लगता कि इससे
    • गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रही राज्य सरकारों को कोई बड़ी राहत मिलेगी।
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