प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने अवैध रेत खनन से जुड़े एक बड़े नेटवर्क पर कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र में फैले 16 ठिकानों पर छापेमारी की है। इस कार्रवाई में नकदी, बैंक बैलेंस, लग्जरी वाहन और भारी मशीनरी जब्त की गई है।
📂 कार्रवाई का दायरा: किन राज्यों में हुई छापेमारी
ईडी की टीमें मध्य प्रदेश के भोपाल, होशंगाबाद और बैतूल जिलों के साथ-साथ महाराष्ट्र के नागपुर और भंडारा जिलों में सक्रिय रहीं। कुल 16 परिसरों पर एक साथ तलाशी अभियान चलाया गया।
💰 नकदी और बैंक खातों पर एक्शन
तलाशी के दौरान:
- करीब 38.43 लाख रुपये की नकदी बरामद की गई
- 1.34 करोड़ रुपये का बैंक बैलेंस फ्रीज किया गया
- कई अहम वित्तीय दस्तावेज और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए
ईडी का कहना है कि ये धनराशि कथित तौर पर अवैध गतिविधियों से अर्जित बताई जा रही है।
🚗 लग्जरी गाड़ियां और भारी मशीनें जब्त
जांच के दौरान जिन वाहनों और मशीनों को जब्त किया गया, उनमें शामिल हैं:
- एक BMW कार
- दो फॉर्च्यूनर
- एक थार
- दो JCB मशीनें
- दो पोकलेन मशीनें
इनका उपयोग कथित तौर पर रेत खनन से जुड़ी गतिविधियों में किया जा रहा था।
🏗️ जांच का फोकस: अवैध रेत खनन नेटवर्क
ईडी के अनुसार, मामला नागपुर और आसपास के इलाकों में संचालित रेत घाटों से जुड़ा है। जांच में संकेत मिले हैं कि खनन गतिविधियों से प्राप्त धन को संपत्तियों और वाहनों में निवेश किया गया।
📑 पुराना मामला, अब तेज हुई कार्रवाई
यह केस वर्ष 2021–22 में दर्ज किया गया था। आरोप है कि कागज़ों में एक राज्य से खनन दिखाया गया, जबकि वास्तविक गतिविधियां दूसरे राज्य में की गईं। अब इसी पहलू की गहन जांच की जा रही है।
⚖️ आगे क्या?
ईडी ने साफ किया है कि जब्त दस्तावेजों और डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की जांच जारी है। मामले से जुड़े सभी पहलुओं की कानूनी प्रक्रिया के तहत समीक्षा की जा रही है।
