‘एक बेटी, दस बेटों के बराबर’ — PM मोदी ने क्यों दोहराया ये संदेश?

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक बार फिर बेटियों के महत्व को रेखांकित करते हुए देश को एक गहरा सामाजिक संदेश दिया है। ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान की 11वीं वर्षगांठ पर पीएम मोदी ने प्राचीन भारतीय सोच को याद दिलाते हुए बताया कि एक कन्या का पालन-पोषण भी उतना ही पुण्य देता है, जितना दस पुत्रों का


🏛️ सामाजिक पहल डिपार्टमेंट

11 साल पूरे होने पर खास संदेश

पीएम मोदी ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक पोस्ट साझा कर बताया कि भारत में बेटियों को सदैव लक्ष्मी का स्वरूप माना गया है। उन्होंने लिखा कि आज देश की बेटियां शिक्षा, विज्ञान, खेल, स्टार्टअप और रक्षा जैसे हर क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित कर रही हैं।


📜 संस्कृति और संस्कार डिपार्टमेंट

श्लोक के जरिए दिया गहरा संदेश

प्रधानमंत्री ने अपने पोस्ट में एक संस्कृत श्लोक का उल्लेख किया, जिसका भावार्थ है कि—

जिस पुण्य की प्राप्ति दस पुत्रों को पालने से होती है, वही फल एक कन्या के पालन से भी मिल जाता है।

यह संदेश भारतीय परंपरा में बेटियों के सम्मान और उनके सामाजिक योगदान को उजागर करता है।


🎥 डिजिटल कम्युनिकेशन डिपार्टमेंट

वीडियो में क्या दिखाया गया?

पीएम मोदी द्वारा साझा किए गए वीडियो में:

  • पहले संस्कृत श्लोक दिखाया गया
  • फिर उसका हिंदी और अंग्रेज़ी में अर्थ समझाया गया
  • अंत में बेटियों की उपलब्धियों और आत्मनिर्भरता पर फोकस किया गया

यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर किया जा रहा है।


📚 सरकारी योजना डिपार्टमेंट

‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ अभियान क्या है?

यह केंद्र सरकार की एक प्रमुख सामाजिक योजना है, जिसकी शुरुआत 22 जनवरी 2015 को हुई थी। इसका उद्देश्य है:

  • बालिकाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करना
  • शिक्षा को बढ़ावा देना
  • गिरते लैंगिक अनुपात पर रोक लगाना
  • समाज में लैंगिक समानता को मजबूत करना

यह अभियान खासतौर पर उन क्षेत्रों पर केंद्रित है, जहां बेटियों की स्थिति कमजोर रही है।


💬 सोशल मीडिया रिएक्शन डिपार्टमेंट

नेटिज़न्स ने जमकर की सराहना

पीएम मोदी के इस संदेश पर सोशल मीडिया पर सकारात्मक प्रतिक्रियाएं देखने को मिलीं।

  • कई यूजर्स ने बेटियों को देश का भविष्य बताया
  • कुछ ने कहा कि शिक्षित बेटी ही सशक्त भारत की नींव है
  • अभियान को सामाजिक सोच बदलने वाला कदम बताया गया

🧾 निष्कर्ष

प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश सिर्फ एक पोस्ट नहीं, बल्कि समाज को मानसिकता बदलने की प्रेरणा देता है। बेटियों को बराबरी, सम्मान और अवसर देने की सोच ही विकसित भारत की असली पहचान बन सकती है।

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