प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मलेशिया के प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम के बीच डेलिगेशन-लेवल बातचीत के बाद भारत–मलेशिया संबंधों को नई ऊंचाई पर ले जाने का स्पष्ट संदेश सामने आया। दोनों नेताओं ने संयुक्त प्रेस बयान में रणनीतिक, आर्थिक, सुरक्षा और लोगों से जुड़े रिश्तों को मजबूत करने पर जोर दिया।
पीएम मोदी ने क्या कहा?
पीएम नरेंद्र मोदी ने मलेशियाई प्रधानमंत्री और सरकार के गर्मजोशी भरे स्वागत के लिए आभार जताते हुए कहा कि:
- भारत–मलेशिया संबंधों में गति और गहराई लगातार बढ़ी है
- यह उनका तीसरा आधिकारिक मलेशिया दौरा है, जो रिश्तों की मजबूती को दर्शाता है
- दोनों देश समुद्री पड़ोसी हैं और ऐतिहासिक-सांस्कृतिक संबंधों से जुड़े हुए हैं
पीएम मोदी ने कहा कि:
“भारत मलेशिया के साथ मिलकर अपने संबंधों को नई ऊंचाइयों पर ले जाना चाहता है और हर संभव क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने के लिए प्रतिबद्ध है।”
मलेशियाई पीएम अनवर इब्राहिम ने क्या कहा?
प्रधानमंत्री अनवर इब्राहिम ने पीएम मोदी को “भारत का महान मित्र” बताते हुए कहा:
- पीएम मोदी की व्यक्तिगत यात्रा और संघर्ष प्रेरणादायक है
- भारत और मलेशिया के बीच बातचीत सिर्फ कूटनीतिक नहीं, बल्कि सच्चे दोस्तों जैसी है
- वैश्विक शांति प्रयासों (यूक्रेन, मिडिल ईस्ट, गाजा) को लेकर भारत की भूमिका की सराहना की
उन्होंने यह भी घोषणा की कि:
- कोटा किनाबालु (सबा) में भारत का नया कांसुलेट खोले जाने का समर्थन किया जाएगा
इन अहम क्षेत्रों में बनी सहमति
डेलिगेशन लेवल मीटिंग के बाद दोनों देशों के बीच 11 समझौता दस्तावेज (MoUs) साइन हुए। प्रमुख क्षेत्र ये रहे:
🔹 सुरक्षा और रक्षा
- आतंकवाद विरोधी सहयोग
- इंटेलिजेंस शेयरिंग
- समुद्री सुरक्षा
- डिफेंस और पीसकीपिंग कोऑपरेशन
🔹 टेक्नोलॉजी और इकॉनमी
- सेमीकंडक्टर
- डिजिटल इकॉनमी और AI
- लोकल करेंसी में ट्रेड
- ट्रेड और इन्वेस्टमेंट बढ़ाने पर सहमति
🔹 हेल्थ, एजुकेशन और स्किल
- हेल्थकेयर सहयोग
- स्किल डेवलपमेंट
- भारतीय सेंटर्स ऑफ एक्सीलेंस में मलेशियाई छात्रों की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
🔹 एनर्जी, फूड और एग्रीकल्चर
- स्वच्छ ऊर्जा
- फूड सिक्योरिटी
- एग्रीकल्चर सहयोग
डायस्पोरा और टूरिज्म पर खास फोकस
- मलेशिया में करीब 30 लाख भारतीय मूल के लोग
- टूरिज्म, वीजा लिबरलाइजेशन और एयर कनेक्टिविटी बढ़ाने पर सहमति
- भारत और मलेशिया के बीच लोगों से लोगों के रिश्ते को सबसे बड़ी ताकत बताया गया
ट्रेड को लेकर बड़ा संकेत
मलेशियाई पीएम ने बताया:
- 2025 में द्विपक्षीय व्यापार $18.59 बिलियन तक पहुंचा
- ASEAN के लिए भारत एक तेजी से उभरता आर्थिक साझेदार है
निष्कर्ष
यह बैठक सिर्फ औपचारिक नहीं, बल्कि कॉम्प्रिहेंसिव स्ट्रेटेजिक पार्टनरशिप को तेज़ी से आगे बढ़ाने की दिशा में बड़ा कदम है। सुरक्षा से लेकर सेमीकंडक्टर, हेल्थ से लेकर टूरिज्म और शिक्षा तक—भारत और मलेशिया ने साफ कर दिया है कि आने वाले सालों में दोनों देशों के रिश्ते और मजबूत होंगे। 🇮🇳🤝🇲🇾
