विभाग: अंतरराष्ट्रीय / व्यापार
भारत और यूरोपीय संघ के बीच लंबे समय से चल रही मुक्त व्यापार समझौते (FTA) की बातचीत आखिरकार पूरी हो गई है। इस मौके पर यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष एंटोनियो लुइस सैंटोस दा कोस्टा ने एक भावनात्मक पल साझा किया, जिसने इस समझौते को और खास बना दिया।
🇮🇳 OCI कार्ड के साथ भावनात्मक संदेश
विभाग: कूटनीति / भारत–EU संबंध
FTA की घोषणा के दौरान एंटोनियो लुइस ने सार्वजनिक मंच पर अपना ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड दिखाया। उन्होंने बताया कि वे यूरोपीय परिषद के अध्यक्ष होने के साथ-साथ भारतीय मूल से भी जुड़े हैं।
उनके अनुसार, गोवा से उनके पारिवारिक संबंध रहे हैं और भारत–यूरोप की यह साझेदारी उनके लिए केवल राजनीतिक नहीं बल्कि व्यक्तिगत महत्व भी रखती है।
👕👟 भारतीय उत्पादों को मिलेगा यूरोप में बड़ा बाजार
विभाग: निर्यात / उद्योग
समझौते के तहत भारत के कई घरेलू उद्योगों को 27 यूरोपीय देशों के बाजारों में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलने जा रही है।
खास तौर पर इन क्षेत्रों को फायदा होगा—
- परिधान
- रसायन
- फुटवियर और लेदर उत्पाद
अधिकारियों के मुताबिक, वाहनों और इस्पात को छोड़कर भारत के 93% से अधिक उत्पादों को यूरोपीय संघ में शून्य शुल्क पर प्रवेश मिलेगा।
🚗🍷 यूरोपीय संघ को भारत में रियायती पहुंच
विभाग: आयात / व्यापार नीति
दूसरी ओर, यूरोपीय संघ को भारत में कारों और वाइन जैसे उत्पादों के लिए कम शुल्क पर बाजार पहुंच मिलेगी।
FTA लागू होते ही—
- EU भारत के लगभग 90% उत्पादों पर पहले दिन ही आयात शुल्क खत्म करेगा
- शेष उत्पादों पर शुल्क को चरणबद्ध तरीके से 7 वर्षों में समाप्त किया जाएगा
📊 दो अरब लोगों का संयुक्त बाजार
विभाग: वैश्विक अर्थव्यवस्था
करीब दो दशकों की बातचीत के बाद तैयार हुआ यह समझौता अब तक का सबसे बड़ा India–EU ट्रेड एग्रीमेंट माना जा रहा है।
यह डील लगभग 2 अरब उपभोक्ताओं का साझा बाजार बनाएगी और वैश्विक व्यापार में भारत की भूमिका को और मजबूत करेगी।
⏳ कब लागू होगा समझौता?
विभाग: नीति / समयरेखा
अधिकारियों के अनुसार, यह मुक्त व्यापार समझौता अगले साल की शुरुआत में लागू होने की संभावना है।
भारत भी इस करार के तहत अगले 10 वर्षों में यूरोपीय संघ के लगभग 93% उत्पादों को शुल्क-मुक्त पहुंच देगा, हालांकि पहले दिन केवल 30% वस्तुओं पर ही शुल्क हटाया जाएगा।
🔎 निष्कर्ष
India–EU FTA केवल व्यापारिक समझौता नहीं, बल्कि ऐतिहासिक, आर्थिक और भावनात्मक जुड़ाव का प्रतीक बनकर सामने आया है। OCI कार्ड के जरिए एंटोनियो लुइस का संदेश इस साझेदारी को और गहराई देता है, जबकि आर्थिक तौर पर यह डील भारत के निर्यातकों के लिए नए अवसर खोलने वाली है।
