ईरान में हुए देशव्यापी विरोध प्रदर्शनों को लेकर सरकार ने पहली बार आधिकारिक तौर पर मौतों की संख्या जारी की है। यह कदम ऐसे समय आया है, जब अंतरराष्ट्रीय मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े सरकारी दावों से अलग तस्वीर पेश कर रहे हैं।
🏛️ सरकारी बयान डिपार्टमेंट
ईरानी सरकार ने जारी किए आधिकारिक आंकड़े
सरकारी टेलीविजन पर गृह मंत्रालय और वेटरन्स मामलों से जुड़ी संस्था के हवाले से बताया गया कि
विरोध प्रदर्शनों के दौरान कुल 3,117 लोगों की मौत हुई है।
सरकारी जानकारी के अनुसार:
- 2,427 मृतक आम नागरिकों और सुरक्षा बलों से जुड़े बताए गए हैं
- बाकी मामलों में विस्तृत विवरण साझा नहीं किया गया
यह आंकड़े 28 दिसंबर से शुरू हुए प्रदर्शनों की अवधि के बताए गए हैं।
📊 अंतरराष्ट्रीय रिपोर्ट डिपार्टमेंट
मानवाधिकार संगठनों के आंकड़े अलग
सरकारी दावों से इतर, अमेरिका स्थित Human Rights Activists News Agency (HRANA) ने
कम से कम 4,900 से अधिक मौतों की पुष्टि का दावा किया है।
HRANA का कहना है कि:
- कई और मौतों की जानकारी अब भी सामने आनी बाकी है
- संगठन ईरान के अंदर मौजूद एक्टिविस्ट नेटवर्क के जरिए हर मामले की पुष्टि करता है
अन्य मानवाधिकार समूहों ने भी सरकारी आंकड़ों को कम बताया है।
🧑⚖️ गिरफ्तारी और कार्रवाई डिपार्टमेंट
हजारों लोगों को हिरासत में लेने का दावा
HRANA के मुताबिक:
- करीब 26,500 लोगों को गिरफ्तार किया गया है
- इंटरनेट बंद होने और सूचना प्रतिबंधों के कारण वास्तविक स्थिति सामने आने में देरी हो रही है
कुछ संगठनों ने आशंका जताई है कि हिरासत में लिए गए लोगों को कठोर सजा दी जा सकती है, हालांकि इस पर सरकारी पुष्टि नहीं है।
🌐 कूटनीतिक तनाव डिपार्टमेंट
अमेरिका को ईरान की चेतावनी
इन घटनाओं के बीच ईरान के विदेश मंत्री अब्बास अराघची ने कहा कि
अगर ईरान पर दोबारा हमला हुआ, तो देश पूरी ताकत से जवाब देगा।
यह बयान ऐसे समय आया है जब:
- वर्ल्ड इकोनॉमिक फोरम (दावोस) ने उनका आमंत्रण रद्द किया
- अमेरिकी सैन्य गतिविधियों की खबरें मिडिल ईस्ट क्षेत्र में सामने आईं
⚔️ क्षेत्रीय सुरक्षा डिपार्टमेंट
इरबिल के पास हमले का दावा
कुर्दिस्तान फ्रीडम पार्टी से जुड़ी सशस्त्र इकाई ने दावा किया है कि
ईरान ने इराक के इरबिल के पास एक ठिकाने पर हमला किया, जिसमें एक लड़ाके की मौत हुई।
हालांकि:
- ईरान की ओर से इस हमले की कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है
- यह घटनाक्रम क्षेत्रीय तनाव को और बढ़ा सकता है
🧾 निष्कर्ष
ईरान में विरोध प्रदर्शनों को लेकर सामने आए सरकारी और अंतरराष्ट्रीय आंकड़ों के बीच बड़ा अंतर दिखाई देता है। पहली बार आधिकारिक संख्या जारी होने से बहस तेज हुई है, वहीं मानवाधिकार संगठनों की रिपोर्टें स्थिति को और गंभीर बताती हैं। आने वाले समय में और जानकारियां सामने आने की संभावना बनी हुई है।
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