🏛️ विभाग: अंतरराष्ट्रीय राजनीति / रक्षा मामले
चीन में राष्ट्रपति शी जिनपिंग के भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान के तहत एक बार फिर बड़ा कदम उठाया गया है। पीपुल्स लिबरेशन आर्मी (PLA) के दो बेहद वरिष्ठ अधिकारियों को अनुशासनात्मक जांच के दायरे में लाया गया है। यह कार्रवाई सीधे तौर पर सेना के शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचती दिख रही है।
👤 कौन हैं जांच के दायरे में आए जनरल?
- जनरल झांग यौशिया
- सेंट्रल मिलिट्री कमीशन (CMC) के प्रथम उपाध्यक्ष
- चीनी सेना में सबसे ऊंचे रैंक के वर्दीधारी अधिकारी
- कम्युनिस्ट पार्टी के पोलित ब्यूरो के सदस्य
- जनरल लियू झेनली
- CMC सदस्य
- जॉइंट स्टाफ डिपार्टमेंट के चीफ ऑफ स्टाफ
रक्षा मंत्रालय के अनुसार, दोनों अधिकारियों पर पार्टी अनुशासन और कानूनों के गंभीर उल्लंघन के आरोपों की जांच की जा रही है।
⚖️ क्यों अहम मानी जा रही है यह कार्रवाई?
जनरल झांग यौशिया जैसे शीर्ष अधिकारी के खिलाफ जांच को चीनी सैन्य ढांचे में एक बड़ा घटनाक्रम माना जा रहा है। यह कदम संकेत देता है कि भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान केवल निचले स्तर तक सीमित नहीं है, बल्कि शीर्ष नेतृत्व भी इसके दायरे में है।
🔍 पहले भी हो चुके हैं कड़े फैसले
- इससे पहले दो पूर्व रक्षा मंत्रियों समेत कई वरिष्ठ PLA अधिकारियों को पद से हटाया जा चुका है
- अक्टूबर 2025 में CMC के वरिष्ठ अधिकारी हे वीडोंग को पार्टी और सेना से बाहर किया गया था
- हाल के महीनों में CMC और पीपुल्स आर्म्ड पुलिस से जुड़े कई बड़े नामों पर भी कार्रवाई हुई
🏗️ सेना में सुधार और नियंत्रण की रणनीति
2012 में सत्ता संभालने के बाद शी जिनपिंग ने “बड़े और छोटे सभी अधिकारियों” के खिलाफ भ्रष्टाचार-विरोधी अभियान शुरू किया था। सरकारी आंकड़ों के अनुसार:
- अब तक 10 लाख से अधिक अधिकारियों को दंडित किया जा चुका है
- इसमें बड़ी संख्या में सैन्य अधिकारी भी शामिल हैं
शी जिनपिंग कई बार यह स्पष्ट कर चुके हैं कि भ्रष्टाचार पार्टी और देश के लिए सबसे बड़ा खतरा है।
🌏 विशेषज्ञों की नजर में
राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह अभियान:
- सेना में अनुशासन मजबूत करने
- नेतृत्व पर केंद्रीय नियंत्रण बढ़ाने
- और दीर्घकालिक स्थिरता सुनिश्चित करने की रणनीति का हिस्सा है
