श्रीनगर:
केंद्रशासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने आने वाले दिनों को देखते हुए सतर्कता बढ़ा दी है। खुफिया एजेंसियों से मिले इनपुट के आधार पर कश्मीर घाटी में संभावित आतंकी खतरों को लेकर हाई अलर्ट जारी किया गया है।
सूत्रों के अनुसार, फरवरी महीने के मध्य में कुछ संवेदनशील तिथियां पड़ रही हैं, जिनके मद्देनज़र सुरक्षा एजेंसियां अतिरिक्त सावधानी बरत रही हैं। इन्हीं कारणों से सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा की गई है और ज़मीनी स्तर पर निगरानी तेज कर दी गई है।
🚨 जवानों को अलर्ट पर रखा गया
खुफिया एजेंसियों की एडवाइजरी में संभावित तौर पर IED, वाहन-आधारित विस्फोटक, ग्रेनेड या टारगेटेड हमलों जैसे जोखिमों का ज़िक्र किया गया है। इसके बाद पूरे जम्मू-कश्मीर में नाकेबंदी बढ़ा दी गई है और सुरक्षा बलों को अलर्ट मोड में रखा गया है।
खासतौर पर राष्ट्रीय राजमार्गों, व्यस्त बाजारों और संवेदनशील इलाकों में जम्मू-कश्मीर पुलिस और CRPF के जवानों की तैनाती बढ़ाई गई है। इसके साथ ही ड्रोन और CCTV कैमरों के ज़रिये गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
🛡️ सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा
इस बीच, भारतीय सेना की उत्तरी कमान के कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा ने उधमपुर में सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। अधिकारियों के मुताबिक, यह बैठक आतंकवाद-रोधी तंत्र को और मजबूत करने के उद्देश्य से आयोजित की गई थी।
सेना के अनुसार, वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से जॉइंट कंट्रोल सेंटर्स की साप्ताहिक बैठक हुई, जिसमें सेना, पुलिस, CRPF और श्रीनगर व जम्मू संभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए।
🔍 एजेंसियों के बीच समन्वय पर जोर
बैठक में खुफिया सूचनाओं के आदान-प्रदान, संयुक्त तैयारियों को मजबूत करने, विभिन्न एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय और आतंकवाद-रोधी ढांचे को और प्रभावी बनाने पर विशेष रूप से चर्चा की गई।
अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मौजूदा कदम पूरी तरह एहतियाती हैं और आम नागरिकों से अपील की गई है कि वे अफवाहों पर ध्यान न दें तथा सुरक्षा बलों का सहयोग करें।
