✍️ न्यूज़ डेस्क | विशेष रिपोर्ट
🏛️ कोर्ट का बड़ा फैसला
दिल्ली की राउज एवेन्यू स्थित विशेष अदालत ने लैंड फॉर जॉब मामले में पूर्व रेल मंत्री लालू प्रसाद यादव, उनके परिजनों और अन्य आरोपियों के खिलाफ आरोप तय करने का आदेश दिया है। अदालत ने माना कि इस केस में आगे सुनवाई के लिए पर्याप्त आधार मौजूद हैं।
🚆 रेलवे भर्ती से जुड़ा मामला
यह मामला उस समय का है जब लालू यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे में चतुर्थ श्रेणी की नौकरियों के बदले कुछ लोगों से जमीनें ली गईं। अदालत ने कहा कि इस पूरे घटनाक्रम में एक संगठित साजिश की झलक मिलती है।
⚖️ अदालत की अहम टिप्पणियां
कोर्ट के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह संकेत मिलते हैं कि
- सरकारी पद और अधिकारों का दुरुपयोग किया गया
- निजी लाभ के लिए नियोजित तरीके से काम हुआ
- मामले में कई लोग सह-साजिशकर्ता के रूप में शामिल थे
अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि आरोपियों को इस स्तर पर बरी नहीं किया जा सकता।
📜 कानूनी धाराएं और आरोपी
- कुल 41 आरोपियों पर मुकदमा चलेगा
- भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 13(1)(d) और 13(2) के तहत केस
- वहीं, 52 आरोपियों को सबूतों के अभाव में राहत दी गई
🗣️ राजनीतिक प्रतिक्रिया
आरोप तय होने के बाद आरजेडी की प्रतिक्रिया सामने आई। पार्टी प्रवक्ता ने कहा कि
“राजनीतिक विरोधी सीधे मुकाबला नहीं कर पा रहे, इसलिए जांच एजेंसियों का सहारा लिया जा रहा है।
हम कानूनी प्रक्रिया के तहत अपना पक्ष मजबूती से रखेंगे।”
🔎 अब आगे क्या?
अब इस मामले में ट्रायल की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी, जहां गवाहों और सबूतों के आधार पर अदालत अंतिम निर्णय लेगी। यह केस आने वाले समय में बिहार की राजनीति पर भी असर डाल सकता है।
