महाराष्ट्र में मेयर पद का फैसला लॉटरी से: BMC में क्यों बढ़ी सियासी हलचल?

महाराष्ट्र की राजनीति में एक बार फिर नगर निकाय चुनावों को लेकर हलचल तेज हो गई है। राज्य की 29 महानगरपालिकाओं में मेयर पद का निर्धारण गुरुवार को होने जा रहा है, जहां नगर विकास विभाग द्वारा आरक्षण लॉटरी निकाली जाएगी। इस प्रक्रिया के बाद यह साफ हो जाएगा कि किस महानगरपालिका में किस वर्ग से मेयर चुना जाएगा।


🎯 मेयर आरक्षण लॉटरी: कब और कैसे होगा फैसला

नगर विकास विभाग की ओर से मिली जानकारी के मुताबिक,

  • 22 जनवरी 2026 (गुरुवार)
  • सुबह 11 बजे, मंत्रालय

में लॉटरी प्रक्रिया शुरू होगी। इसके जरिए यह तय किया जाएगा कि किन महानगरपालिकाओं में सामान्य, महिला या आरक्षित वर्ग से मेयर बनेगा।


🏙️ BMC पर सबसे ज्यादा नजर, क्यों फंसा पेंच?

मुंबई महानगरपालिका (BMC) को लेकर सबसे ज्यादा राजनीतिक रस्साकशी देखने को मिल रही है। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने साफ संकेत दिए हैं कि उनकी पार्टी मुंबई मेयर पद पर दावा पेश करेगी। वहीं शिवसेना (UBT) इसे लेकर नाराजगी जता रही है और पूरे घटनाक्रम को लेकर सवाल उठा रही है।


⚠️ उद्धव ठाकरे गुट को संभावित झटका?

शिवसेना (UBT) के लिए चिंता तब बढ़ गई जब

  • वॉर्ड 157 की पार्षद डॉ. सरिता म्हस्के
  • पार्टी की अहम बैठक में शामिल नहीं हुईं

इसके बाद राजनीतिक गलियारों में चर्चा शुरू हो गई कि वह पार्टी से अलग रास्ता अपना सकती हैं। हालांकि, ठाकरे गुट का कहना है कि पार्टी के वरिष्ठ नेता लगातार उनके संपर्क में हैं। फिलहाल मुंबई में शिवसेना (UBT) के 65 पार्षद हैं।


🤝 महायुति के भीतर मेयर पद को लेकर रणनीति

बीएमसी चुनावों में बहुमत मिलने के बाद महायुति गठबंधन (भाजपा-शिवसेना शिंदे गुट) के भीतर यह विचार चल रहा है कि

  • मुंबई मेयर पद शिवसेना (शिंदे गुट) को दिया जाए
  • इसे बाल ठाकरे की जन्म शताब्दी से जोड़कर सम्मान का प्रतीक बनाया जाए

हालांकि, भाजपा ने सबसे ज्यादा 89 सीटें जीती हैं, जबकि शिंदे गुट को 29 सीटें मिली हैं।


🗣️ एकनाथ शिंदे का रुख

उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने कहा है कि

  • महायुति का ही मेयर बनेगा
  • गठबंधन जनता के जनादेश के खिलाफ कोई फैसला नहीं लेगा
  • जहां भाजपा-शिवसेना ने साथ चुनाव लड़ा है, वहां मेयर भी गठबंधन से होगा

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि शिवसेना कार्यकर्ताओं की भावनाओं को ध्यान में रखा जाएगा।


🔍 संजय राउत के आरोप और सियासी बयानबाजी

शिवसेना (UBT) नेता संजय राउत ने दावा किया कि

  • नव निर्वाचित पार्षदों की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है
  • कुछ फैसले महाराष्ट्र से बाहर तय किए जा रहे हैं

इन बयानों ने राजनीतिक माहौल को और गर्म कर दिया।


भाजपा ने आरोपों को बताया बेबुनियाद

भाजपा की ओर से इन आरोपों को सिरे से खारिज किया गया है। पार्टी नेताओं का कहना है कि

  • उन्हें किसी तरह की निगरानी की जरूरत नहीं
  • उनके पास पार्षदों का पूरा समर्थन है
  • विपक्ष बेवजह भ्रम फैलाने की कोशिश कर रहा है

📊 बीएमसी चुनाव परिणाम एक नजर में

  • भाजपा: 89 सीटें
  • शिवसेना (शिंदे गुट): 29 सीटें
  • शिवसेना (UBT): 65 सीटें
  • महाराष्ट्र नवनिर्माण सेना (MNS): 6 सीटें

227 सदस्यीय बीएमसी में किसी भी पार्टी को पूर्ण बहुमत नहीं मिला है।


🔚 निष्कर्ष

मेयर पद के लिए होने वाली लॉटरी केवल औपचारिक प्रक्रिया नहीं, बल्कि महाराष्ट्र की सियासत की दिशा तय करने वाला अहम मोड़ साबित हो सकती है। खासतौर पर मुंबई में, जहां गठबंधन की मजबूती, दलगत संतुलन और रणनीति की असली परीक्षा होने वाली है।

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