🔍 Meta में बदलाव के दौर के बीच उभरा मतभेद
टेक दिग्गज Meta इस समय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को लेकर बड़े बदलावों के दौर से गुजर रही है। इसी बीच कंपनी के नेतृत्व स्तर पर असहमति की खबरें सामने आ रही हैं।
रिपोर्ट्स के मुताबिक, Meta के को-फाउंडर मार्क जुकरबर्ग और कंपनी के नए AI प्रमुख Alexander Wang के बीच काम करने के तरीकों को लेकर विचारों में अंतर उभर रहा है।
💰 भारी निवेश के बावजूद रणनीति पर मतभेद
मार्क जुकरबर्ग ने पिछले साल Scale AI के फाउंडर Alexander Wang को Meta के AI डिविजन की अहम जिम्मेदारी सौंपी थी।
इसके साथ ही Meta ने Scale AI में करीब 14 अरब डॉलर (लगभग 1.26 लाख करोड़ रुपये) का बड़ा निवेश भी किया था, जिससे कंपनी की AI महत्वाकांक्षाएं साफ झलकती हैं।
⚙️ ऑपरेशनल फ्रीडम को लेकर असंतोष
सूत्रों के अनुसार, Alexander Wang को AI प्रोजेक्ट्स में अपेक्षित स्वतंत्रता नहीं मिल पा रही है।
Meta में हाल ही में लागू किए गए नए रिपोर्टिंग और मैनेजमेंट स्ट्रक्चर के कारण कई फैसले सीधे शीर्ष नेतृत्व के नियंत्रण में चले गए हैं। इससे AI टीम के काम करने के तरीके पर असर पड़ने की चर्चा है।
🧠 दो अलग सोचों की टकराहट
जानकारों का मानना है कि यह किसी व्यक्तिगत विवाद से ज्यादा:
- Zuckerberg की “प्रोडक्ट-फर्स्ट और तेज़ डिलीवरी” सोच
- और Wang की “रिसर्च-फर्स्ट और लॉन्ग-टर्म AI मॉडल” रणनीति
के बीच का फर्क है।
Meta इस समय Google, OpenAI और Microsoft जैसी कंपनियों के साथ AI रेस में है, जहां संतुलित रणनीति बेहद अहम मानी जा रही है।
👥 AI डिविजन से टैलेंट मूवमेंट की चर्चा
हाल के महीनों में Meta के AI सेक्शन से कुछ सीनियर इंजीनियर्स और रिसर्चर्स के बाहर जाने की खबरें भी आई हैं।
बताया जा रहा है कि कई प्रोफेशनल्स अपनी भूमिका और प्राथमिकताओं को लेकर असमंजस में हैं, खासकर तब जब कंपनी AI और मेटावर्स दोनों पर एक साथ बड़ा दांव खेल रही है।
📉 कंपनी के भविष्य पर नजरें
Meta पहले ही मेटावर्स प्रोजेक्ट्स में भारी निवेश कर चुकी है। ऐसे में AI नेतृत्व में किसी भी तरह का रणनीतिक असंतुलन कंपनी के लॉन्ग-टर्म विजन को प्रभावित कर सकता है।
हालांकि, अभी तक कंपनी की ओर से इस मुद्दे पर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है।
📝 निष्कर्ष
Meta के भीतर चल रहे बदलाव यह संकेत देते हैं कि AI की दिशा तय करना केवल टेक्नोलॉजी नहीं, बल्कि लीडरशिप और विजन का भी मामला है। आने वाले समय में यह देखना दिलचस्प होगा कि Meta इस आंतरिक संतुलन को कैसे साधती है।
