मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर 22 घंटे का कहर: गैस टैंकर हादसे से 12 किमी लंबा जाम

🗂️ यातायात एवं अवसंरचना विभाग

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर आडोशी सुरंग के पास हुए एक हादसे के बाद पिछले 22 घंटों से यातायात पूरी तरह प्रभावित है। प्रोपिलीन गैस से भरा एक टैंकर पलटने के कारण सुरक्षा कारणों से मुंबई की ओर जाने वाली एक लेन बंद कर दी गई है। इसके चलते एक्सप्रेसवे पर करीब 10 से 12 किलोमीटर लंबा भीषण ट्रैफिक जाम लग गया है।


⚠️ आपदा एवं औद्योगिक सुरक्षा विभाग

टैंकर में भरी प्रोपिलीन गैस के रिसाव की आशंका को देखते हुए प्रशासन ने बेहद सतर्क रुख अपनाया है। जब तक गैस पूरी तरह सुरक्षित रूप से निकाली नहीं जाती, तब तक सड़क खोलना जोखिम भरा माना जा रहा है। मौके पर विशेषज्ञ टीमें गैस ट्रांसफर और टैंकर को हटाने का काम कर रही हैं।


👥 आम नागरिक एवं यात्री संकट विभाग

इस लंबे जाम में फंसे यात्रियों की परेशानी लगातार बढ़ती जा रही है। छोटे बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों को घंटों बिना पर्याप्त पानी और सुविधाओं के सड़क पर रुकना पड़ रहा है। कई यात्रियों को समय पर अस्पताल पहुंचना था, लेकिन जाम के कारण हालात बेहद चिंताजनक हो गए हैं।


🚑 स्वास्थ्य एवं आपात सेवाएं

जाम में फंसे लोगों में ऐसे यात्री भी शामिल हैं जो गंभीर मरीजों को इलाज के लिए मुंबई ले जा रहे थे। देर रात से फंसे वाहन और रुक-रुक कर चलती एंबुलेंस व्यवस्था ने स्थिति को और संवेदनशील बना दिया है।


👮 पुलिस एवं प्रशासन का पक्ष

महामार्ग पुलिस अधिकारियों के अनुसार, जब तक गैस रिसाव का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं हो जाता, तब तक ट्रैफिक सामान्य करना संभव नहीं है। प्रशासन ने पुणे से मुंबई जाने वाले वाहनों को वैकल्पिक मार्गों—जैसे ताम्हिणी घाट और कर्जत होते हुए ठाणे की ओर—डायवर्ट करने की अपील की है।


🚒 राहत एवं बचाव कार्य विभाग

घटनास्थल पर NDRF, तेल कंपनियों की तकनीकी टीमें और स्थानीय प्रशासन संयुक्त रूप से काम कर रहे हैं। गैस निकालने, टैंकर हटाने और सड़क को सुरक्षित बनाने की प्रक्रिया जारी है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति को सामान्य होने में अभी कुछ घंटे और लग सकते हैं।


🏛️ राज्य सरकार की प्रतिक्रिया

राज्य के राहत एवं आपदा प्रबंधन मंत्री ने बताया कि प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में है। कलेक्टर, तेल कंपनियां और आपदा प्रबंधन से जुड़ी एजेंसियां मौके पर मौजूद हैं। प्राथमिकता लोगों की सुरक्षा और जल्द से जल्द यातायात बहाल करने की है।


📌 निष्कर्ष

मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर बना यह महाजाम केवल ट्रैफिक समस्या नहीं, बल्कि हजारों लोगों के लिए मानवीय संकट बन चुका है। जब तक गैस रिसाव का खतरा पूरी तरह खत्म नहीं होता, तब तक राहत की उम्मीद सीमित है। यात्रियों को फिलहाल वैकल्पिक मार्ग अपनाने और यात्रा से पहले ट्रैफिक स्थिति जांचने की सलाह दी जा रही है।

Back To Top