ऑस्ट्रेलिया दौरे पर गई भारतीय महिला क्रिकेट टीम के लिए वनडे सीरीज किसी बुरे सपने से कम नहीं रही। तीन मैचों की इस सीरीज में टीम इंडिया को एक भी जीत नसीब नहीं हुई और मेजबान टीम ने 3-0 से क्लीन स्वीप कर दिया। सीरीज के तीसरे और आखिरी मुकाबले में भारतीय टीम को 185 रनों से बड़ी हार झेलनी पड़ी, जिसने टीम के प्रदर्शन पर कई सवाल खड़े कर दिए।
तीसरा वनडे मुकाबला होबार्ट में खेला गया, जहां ऑस्ट्रेलियाई टीम ने पहले बल्लेबाजी करते हुए मजबूत स्कोर खड़ा किया। इसके जवाब में भारतीय बल्लेबाजी पूरी तरह बिखर गई और टीम बड़े अंतर से मैच हार गई। इस हार के बाद कप्तान हरमनप्रीत कौर का बयान सामने आया, जिसमें उन्होंने साफ कहा कि वनडे फॉर्मेट में टीम से कई गंभीर गलतियां हुई हैं।
हरमनप्रीत कौर ने मैच के बाद ब्रॉडकास्टर से बातचीत में कहा कि पूरी सीरीज में टीम का प्रदर्शन उम्मीद के मुताबिक नहीं रहा। उनके मुताबिक, “टी20 फॉर्मेट में हम चीजें सही तरीके से कर पा रहे थे, लेकिन वनडे सीरीज में वही लय नजर नहीं आई। वनडे क्रिकेट लंबा फॉर्मेट होता है, जहां आपको लगातार सही फैसले लेने और उन्हें सही तरीके से लागू करने की जरूरत होती है।”
कप्तान ने माना कि भारतीय टीम ने कई मौकों पर गलतियां कीं और ऑस्ट्रेलियाई टीम ने उन गलतियों का पूरा फायदा उठाया। उन्होंने यह भी कहा कि विरोधी टीम को पूरा श्रेय जाता है, क्योंकि उन्होंने बेहद अनुशासित और दबाव बनाने वाला क्रिकेट खेला, जिससे भारत को वापसी का कोई मौका नहीं मिला।
यह हार इसलिए भी चौंकाने वाली मानी जा रही है, क्योंकि भारतीय महिला टीम ने हाल ही में 2025 में घरेलू सरजमीं पर महिला वनडे वर्ल्ड कप का खिताब अपने नाम किया था। उस जीत के बाद उम्मीद की जा रही थी कि टीम इंडिया वनडे फॉर्मेट में और ज्यादा मजबूत होकर उभरेगी। लेकिन ऑस्ट्रेलिया दौरे पर नतीजे बिल्कुल इसके उलट देखने को मिले।
हरमनप्रीत कौर ने आगे कहा कि यह सीरीज टीम के लिए एक सीख की तरह है। “हमें इससे बहुत कुछ सीखने को मिला है। अब हम वापस जाकर बैठेंगे और सोचेंगे कि वनडे क्रिकेट में हमें आगे किस तरह की रणनीति अपनानी है, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां दोबारा न हों।”
अब इस दौरे पर भारतीय टीम के सामने अगली चुनौती टेस्ट क्रिकेट की है। दोनों टीमों के बीच एकमात्र टेस्ट मैच 6 मार्च से खेला जाएगा, जो पर्थ के वाका स्टेडियम में आयोजित होगा। टेस्ट मैच को लेकर भी कप्तान ने अपनी बात रखी।
उन्होंने कहा कि फिलहाल सबसे जरूरी चीज टीम का मानसिक रूप से मजबूत रहना है। “तैयारी के लिए समय कम है, लेकिन अब हमें खुद पर भरोसा रखना होगा। सही मानसिक स्थिति में रहना और टीम के लिए सही फैसले लेना बेहद जरूरी है,” हरमनप्रीत ने कहा।
भले ही वनडे सीरीज में नतीजे निराशाजनक रहे हों, लेकिन टेस्ट मैच भारतीय टीम के लिए खुद को साबित करने का एक नया मौका लेकर आएगा। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि क्या टीम इंडिया इस झटके से उबरकर लंबे फॉर्मेट में मजबूत वापसी कर पाती है या नहीं।
