मध्य-पूर्व एशिया में तेजी से बिगड़ते हालात के बीच भारत सरकार पूरी तरह अलर्ट मोड में आ गई है। इसी कड़ी में नरेंद्र मोदी ने कैबिनेट कमेटी ऑन सिक्योरिटी (CCS) की एक अहम बैठक बुलाई है। यह हाई-लेवल मीटिंग आज, रविवार रात 10 बजे प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में होगी।
🌍 किन मुद्दों पर हो सकती है चर्चा?
सूत्रों के मुताबिक, CCS की इस बैठक में खासतौर पर इन बिंदुओं पर मंथन संभव है:
- मध्य-पूर्व में जारी सैन्य तनाव और ताजा हालात
- वहां रह रहे भारतीय नागरिकों की सुरक्षा
- कच्चे तेल और गैस जैसी एनर्जी सप्लाई पर असर
- समुद्री मार्गों और रणनीतिक सप्लाई लाइनों की सुरक्षा
- क्षेत्रीय स्थिरता और भारत के कूटनीतिक विकल्प
मध्य-पूर्व में चल रहे हमलों और जवाबी कार्रवाइयों का असर अब वैश्विक बाजारों, खासकर क्रूड ऑयल की कीमतों पर भी दिखने लगा है, जो भारत जैसे ऊर्जा आयातक देश के लिए चिंता का विषय है।
🇮🇳 विदेश में फंसे भारतीयों पर भी फोकस
बैठक में रक्षा मंत्रालय, विदेश मंत्रालय और गृह मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। माना जा रहा है कि भारतीय दूतावासों को अलर्ट मोड में रखने और जरूरत पड़ने पर भारतीय नागरिकों की सुरक्षित निकासी (Evacuation Plan) पर भी चर्चा हो सकती है।
⚖️ भारत का संतुलित कूटनीतिक रुख
भारत पारंपरिक रूप से मध्य-पूर्व जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में संतुलित और जिम्मेदार कूटनीति अपनाता आया है। सरकार की कोशिश रहेगी कि क्षेत्रीय शांति, स्थिरता और संवाद को बढ़ावा दिया जाए। CCS की यह बैठक इसी व्यापक रणनीतिक तैयारी का हिस्सा मानी जा रही है।
🔥 ईरान-इजरायल संघर्ष से और बिगड़े हालात
गौरतलब है कि हाल ही में इजरायल और संयुक्त राज्य अमेरिका ने मिलकर ईरान पर हवाई हमले किए थे। इसके बाद पूरे क्षेत्र में तनाव चरम पर पहुंच गया है। जवाबी कार्रवाई में ईरान द्वारा कई देशों को निशाना बनाए जाने की खबरें हैं, जिससे हालात और गंभीर हो गए हैं।
बताया जा रहा है कि इस संघर्ष के चलते कई भारतीय नागरिक भी विदेशों में फंसे हुए हैं, जिनकी सुरक्षा को लेकर भारत सरकार गंभीरता से हालात की समीक्षा कर रही है।
👉 कुल मिलाकर, PM मोदी की अध्यक्षता में होने वाली CCS बैठक आने वाले दिनों में भारत की रणनीति और कदमों की दिशा तय करने में बेहद अहम मानी जा रही है।
