22 जनवरी 2024 को अयोध्या में रामलला की प्राण प्रतिष्ठा के दो साल पूरे हो चुके हैं। इस दौरान अयोध्या सिर्फ धार्मिक नगरी नहीं बल्कि पर्यटन, रोजगार और आर्थिक विकास का केंद्र बन गई है।
🏰 पर्यटन और आस्था
- प्राण प्रतिष्ठा के बाद रोजाना 80,000 श्रद्धालु मंदिर दर्शन के लिए आते हैं, त्योहारों पर संख्या 1.5–2 लाख तक पहुंचती है।
- पिछले छह महीनों में 23 करोड़ से अधिक पर्यटक अयोध्या पहुंचे।
- विदेशी प्रतिनिधि, इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के सांस्कृतिक दूत और प्रवासी भारतीय भी नियमित रूप से आते हैं।
💼 रोजगार और स्थानीय अर्थव्यवस्था
- धार्मिक पर्यटन से होटल, धर्मशाला, परिवहन, हस्तशिल्प और खानपान उद्योग में बूम आया।
- युवाओं को रोजगार के अवसर बढ़े, खासकर होटल, टैक्सी, माल ढुलाई और गाइड सेवाओं में।
- छोटे व्यापारियों की आय कई गुना बढ़ी, मंदिर आसपास के व्यापारिक मार्गों पर व्यवसाय फल-फूल रहा है।
🏗️ आधुनिक बुनियादी ढांचा
- अयोध्या में चौड़ी सड़कें, वर्ल्ड क्लास एयरपोर्ट और मॉडर्न रेलवे स्टेशन बने।
- स्मार्ट सिटी परियोजनाओं के विस्तार से शहर की पहुंच और सुविधाएं पहले से बेहतर हुईं।
📈 आर्थिक और सांस्कृतिक प्रभाव
- मंदिर और पर्यटन के कारण अयोध्या यूपी की GDP में लगभग 1.5% योगदान दे रही है।
- रोजगार और निवेश में तेजी से स्थानीय युवाओं का आत्मविश्वास बढ़ा।
- अयोध्या अब सिर्फ आस्था की नगरी नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और आर्थिक पहचान की प्रयोगशाला बन चुकी है।
YouTube का मेगा प्लान 2026: शॉर्ट्स में AI, म्यूजिक एक्सपेरिमेंट और 10+ स्पेशलाइज्ड YouTube TV
