रूस ने ठुकराया ट्रंप का दावा, कहा- भारत ने रूसी तेल खरीद रोकने की बात नहीं कही


🌐 अंतरराष्ट्रीय राजनीति (International Politics)

क्रेमलिन ने स्पष्ट किया कि भारत ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान के अनुसार रूस से तेल खरीदना रोकने का कोई संकेत नहीं दिया है। ट्रंप ने दावा किया था कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने तेल खरीद पर रोक लगाने का वादा किया है, लेकिन रूस ने इसे खारिज कर दिया।

क्रेमलिन प्रवक्ता दिमित्री पेस्कोव ने कहा, “इस मामले में नई दिल्ली की ओर से हमें कोई आधिकारिक बयान नहीं मिला।”


🛢️ भारत-रूस तेल संबंध (India-Russia Oil Relations)

  • भारत विश्व का तीसरा सबसे बड़ा तेल आयातक और उपभोक्ता है।
  • फरवरी 2022 में यूक्रेन युद्ध के बाद भारत रूस के समुद्री मार्ग से तेल का सबसे बड़ा खरीदार बन गया।
  • दिसंबर 2025 में भारत का रूस से तेल आयात दो वर्षों में सबसे कम हो गया, जबकि ओपेक की हिस्सेदारी बढ़कर 53.2% हो गई।
  • रूस अभी भी भारत को तेल का शीर्ष आपूर्तिकर्ता बना हुआ है, उसके बाद इराक और सऊदी अरब का स्थान है।

प्रमुख कंपनियों की हिस्सेदारी

  • नायरा एनर्जी पूरी तरह से रूसी तेल पर निर्भर।
  • ONGC, ऑयल इंडिया और इंडियन ऑयल ने रूस की परियोजनाओं में बड़ी हिस्सेदारी रखी है, जिससे भारत को लाभांश मिलता है।
  • सखालिन-1 तेल और गैस परियोजना में ONGC 20% हिस्सेदारी रखती है।

⚠️ परमाणु और वैश्विक सुरक्षा (Nuclear & Global Security)

क्रेमलिन ने चेताया कि दुनिया “खतरनाक दौर” की ओर बढ़ रही है, क्योंकि अमेरिका-रूस के बीच New START परमाणु संधि इस सप्ताह समाप्त होने वाली है।

  • दिमित्री पेस्कोव ने कहा कि संधि खत्म होने के बाद दुनिया पहले से अधिक असुरक्षित हो जाएगी।
  • रूस ने संधि की कुछ शर्तों को बढ़ाने का प्रस्ताव रखा है।

💣 यूक्रेन पर हमला (Ukraine Conflict)

यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोदिमिर जेलेंस्की ने बताया कि रूस ने रात भर लगभग 450 ड्रोन और 70 मिसाइलें दागीं।

  • कम से कम 5 क्षेत्रों में बमबारी हुई।
  • विशेष रूप से बिजली ग्रिड को निशाना बनाया गया।
  • हमले में कम से कम 10 लोग घायल हुए।
  • यह हमला संयुक्त अरब अमीरात में होने वाली अमेरिका मध्यस्थता वाली वार्ता से एक दिन पहले हुआ।

जेलेंस्की ने कहा कि रूस पिछले कई वर्षों की सबसे भीषण सर्दी के दौरान नागरिकों को बिजली, हीटिंग और पानी से वंचित करना चाहता है


🔍 निष्कर्ष (Conclusion)

  • ट्रंप के बयान और वास्तविक स्थिति में बड़ा अंतर है।
  • भारत ने रूसी तेल खरीद पर रोक लगाने का कोई संकेत नहीं दिया है।
  • वैश्विक ऊर्जा और सुरक्षा पर यह स्थिति भविष्य में तनाव बढ़ा सकती है।
  • यूक्रेन पर हालिया हमले ने युद्ध की गंभीरता और मध्यस्थ वार्ता की जरूरत को रेखांकित किया है।

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