लगातार तीन कारोबारी सत्रों की तेजी के बाद गुरुवार को घरेलू शेयर बाजार में मुनाफावसूली हावी हो गई। वैश्विक बाजारों से मिले कमजोर संकेतों के बीच निवेशकों ने सतर्क रुख अपनाया, जिसका असर सेंसेक्स और निफ्टी दोनों पर साफ दिखा।
बीएसई का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स 503.76 अंक गिरकर 83,313.93 पर बंद हुआ, जबकि कारोबार के दौरान यह करीब 666 अंक तक टूट गया था। वहीं एनएसई का निफ्टी 133.20 अंक फिसलकर 25,642.80 के स्तर पर बंद हुआ और 25,700 के अहम स्तर से नीचे चला गया।
🔻 किन शेयरों पर दिखा ज्यादा दबाव?
सेंसेक्स की कंपनियों में
- भारती एयरटेल
- रिलायंस इंडस्ट्रीज
- इन्फोसिस
- आईटीसी
- आईसीआईसीआई बैंक
- एशियन पेंट्स
- भारत इलेक्ट्रॉनिक्स
जैसे बड़े शेयरों में बिकवाली देखने को मिली।
वहीं दूसरी ओर ट्रेंट, टाटा स्टील, एसबीआई और बजाज फाइनेंस के शेयरों में सीमित मजबूती दर्ज की गई।
🌏 एशियाई बाजारों का मिला-जुला रुख
एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का माहौल रहा।
- दक्षिण कोरिया का कॉस्पी करीब 4% टूट गया
- जापान का निक्केई नुकसान में बंद हुआ
- चीन का शंघाई कम्पोजिट भी लाल निशान में रहा
हालांकि, हांगकांग का हैंगसेंग मजबूती के साथ बंद होने में कामयाब रहा।
💡 बाजार में गिरावट की बड़ी वजहें
मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक,
- हालिया तेजी के बाद मुनाफावसूली
- वैश्विक टेक शेयरों में दबाव
- अमेरिका–ईरान के बीच बढ़ता तनाव
- अंतरराष्ट्रीय बाजारों से कमजोर संकेत
जैसे फैक्टर्स ने निवेशकों की धारणा को प्रभावित किया।
💰 एफआईआई–डीआईआई का डेटा क्या कहता है?
बाजार आंकड़ों के अनुसार:
- विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) ने ₹29.79 करोड़ की शुद्ध खरीद की
- घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹249.54 करोड़ के शेयर खरीदे
इस बीच अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 1.32% गिरकर 68.54 डॉलर प्रति बैरल पर आ गया।
📊 कल बाजार की चाल कैसी रह सकती है?
विशेषज्ञों का मानना है कि निकट अवधि में बाजार
- 25,600–25,500 के स्तर पर सपोर्ट तलाश सकता है
- ग्लोबल संकेत और सेक्टर-स्पेसिफिक खबरें दिशा तय करेंगी
- निफ्टी जब तक 25,800 के ऊपर मजबूती से नहीं टिकता, तब तक उतार-चढ़ाव बना रह सकता है
निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे जल्दबाजी से बचें और मजबूत फंडामेंटल वाले शेयरों पर ही नजर रखें।
⚠️ डिस्क्लेमर
यह जानकारी केवल सूचना के उद्देश्य से दी गई है। शेयर बाजार में निवेश जोखिम के अधीन होता है। निवेश से पहले अपने वित्तीय सलाहकार से परामर्श जरूर करें।
