‘द केरला स्टोरी 2’ पर सेंसर की सख्ती: 16 कट्स, आधे से ज़्यादा संवेदनशील दृश्य हटे, फिर भी विवाद बरकरार

विवादों से घिरी और बहुप्रतीक्षित फिल्म द केरला स्टोरी 2: गोज़ बियॉन्ड एक बार फिर सुर्खियों में है। रिलीज से पहले ही यह फिल्म कानूनी चुनौतियों, राजनीतिक बयानबाज़ी और सेंसर बोर्ड की कड़ी जांच के दौर से गुजर रही है। अब ताज़ा रिपोर्ट्स के मुताबिक, फिल्म को सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन यानी सेंट्रल बोर्ड ऑफ फिल्म सर्टिफिकेशन (CBFC) ने U/A 16+ सर्टिफिकेट तो दे दिया है, लेकिन इसके साथ कई अहम शर्तें और बड़े बदलाव भी लागू किए गए हैं।

✂️ सेंसर बोर्ड की कैंची: 16 अहम कट्स

बॉलीवुड हंगामा की रिपोर्ट के अनुसार, CBFC ने फिल्म में कुल 16 कट्स या बदलाव करने के निर्देश दिए हैं। इनमें सबसे ज़्यादा ध्यान उन दृश्यों पर दिया गया है, जिन्हें बोर्ड ने संवेदनशील और उग्र माना। जानकारी के मुताबिक, एक गंभीर हिंसक दृश्य को लगभग 20 सेकंड छोटा किया गया है, वहीं एक किसिंग सीन को 7 सेकंड तक कम कर दिया गया। कुल मिलाकर फिल्म में मौजूद ऐसे विजुअल्स, जिन्हें दर्शकों के लिए असहज माना जा सकता था, उनमें लगभग 50% तक की कटौती की गई है।

इसके अलावा महिलाओं के खिलाफ दिखाई गई शारीरिक हिंसा से जुड़े कुछ दृश्यों—जैसे थप्पड़ मारना या सिर पर प्रहार—को भी छोटा किया गया है। बोर्ड का मानना है कि इन बदलावों से फिल्म की तीव्रता संतुलित होगी और दर्शकों पर नकारात्मक प्रभाव कम पड़ेगा।

🗣️ संवाद और दृश्यों में भी बदलाव

सिर्फ विजुअल्स ही नहीं, बल्कि फिल्म के कुछ संवाद और संदर्भ भी CBFC की जांच के दायरे में आए। रिपोर्ट के अनुसार, एक सीन जिसमें आरोपी का घर बुलडोज़र से गिराया जाता दिखाया गया था, उसमें बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही तीन डायलॉग्स को संशोधित करने और एक आपत्तिजनक शब्द को पूरी तरह म्यूट करने को कहा गया है। इन बदलावों का उद्देश्य किसी भी तरह के नए विवाद से बचना और फिल्म की रिलीज को सुचारु बनाना बताया जा रहा है।

📜 ‘सच्ची घटनाओं’ पर दावा, लंबा डिस्क्लेमर अनिवार्य

फिल्म की कहानी को लेकर उठे सवालों के बीच CBFC ने प्रमाणिकता पर खास ज़ोर दिया। फिल्ममेकर्स से पूरी स्क्रिप्ट और डायलॉग्स जमा कराने के साथ-साथ उन दस्तावेज़ों की भी मांग की गई, जो यह साबित कर सकें कि कहानी वास्तविक घटनाओं से प्रेरित है। इसके अलावा फिल्म की शुरुआत में 2 मिनट 3 सेकंड का लंबा डिस्क्लेमर जोड़ना अनिवार्य किया गया है, जिसे वॉइस-ओवर के साथ दिखाया जाएगा।

बोर्ड ने यह भी सुनिश्चित किया कि अगर फिल्म में किसी नाबालिग कलाकार को शामिल किया गया है, तो उससे जुड़ी सभी कानूनी सहमति पत्र विधिवत जमा हों।

⏱️ रनटाइम तय, लेकिन कानूनी चुनौती बरकरार

सभी औपचारिकताओं और बदलावों के बाद फिल्म को 16 फरवरी को सर्टिफिकेट जारी किया गया। अब इसका फाइनल रनटाइम 2 घंटे 11 मिनट और 24 सेकंड तय किया गया है। मौजूदा योजना के अनुसार फिल्म 27 फरवरी 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज हो सकती है।

हालांकि, मुश्किलें अभी खत्म नहीं हुई हैं। फिल्म की रिलीज पर रोक लगाने के लिए दायर याचिकाओं के चलते अब मामला केरल हाई कोर्ट तक पहुंच चुका है। कोर्ट ने फैसला सुनाने से पहले फिल्म की एक विशेष स्क्रीनिंग देखने का निर्णय लिया है। ऐसे में अब सभी की निगाहें अदालत के अगले कदम पर टिकी हैं।

कुल मिलाकर, ‘द केरला स्टोरी 2’ रिलीज से पहले ही एक बार फिर बहस के केंद्र में है। देखना दिलचस्प होगा कि सभी कट्स और बदलावों के बावजूद यह फिल्म दर्शकों तक बिना किसी और रुकावट के पहुंच पाती है या नहीं।

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