West Bengal Politics: हुमायूं कबीर का सियासी बिगुल—BJP और TMC दोनों को चुनौती, तीसरे मोर्चे का ऐलान


🗳️ चुनाव पृष्ठभूमि (Election Context)

पश्चिम बंगाल विधानसभा चुनाव की तारीखें भले ही घोषित नहीं हुई हों, लेकिन सियासी सरगर्मी तेज हो चुकी है। इसी कड़ी में जनता उन्नयन पार्टी (JUP) के नेता हुमायूं कबीर के बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है।


🗣️ हुमायूं कबीर का बड़ा दावा (Key Political Statement)

हुमायूं कबीर ने दावा किया कि

  • BJP को 100 से अधिक सीटें नहीं जीतने देंगे
  • TMC को 50 से अधिक सीटें नहीं लेने देंगे

उन्होंने साफ कहा कि इस बार चुनाव में दोनों प्रमुख दलों को चुनौती दी जाएगी।


👩‍👧 महिला कल्याण पर वादा (Women Welfare Announcement)

हुमायूं कबीर ने महिलाओं के लिए लक्ष्मी भंडार योजना के तहत
➡️ 3,000 रुपये देने की बात कही।
इस मुद्दे पर उन्होंने मौजूदा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि अब तक महिलाओं के लिए पर्याप्त काम नहीं हुआ।


🎯 TMC और BJP पर सीधा हमला (Criticism on Major Parties)

  • ममता बनर्जी पर निशाना साधते हुए कहा कि बंगाल में अपेक्षित विकास नहीं हुआ
  • BJP को राज्य में मजबूत न होने देने की बात दोहराई
  • अभिषेक बनर्जी की रैलियों के समानांतर रैलियां करने का भी एलान

🕌 मुस्लिम वोट बैंक और रणनीति (Voter Strategy)

हुमायूं कबीर ने कहा कि

  • बंगाल में लगभग 2.82 करोड़ मुस्लिम वोटर हैं
  • TMC के खिलाफ सभी को “एक ही नाव में सवार” होना होगा
    उन्होंने संकेत दिया कि कई नेता उनके साथ आने को तैयार हैं।

🤝 ओवैसी और गठबंधन की राजनीति (Alliance & Third Front)

  • AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी के साथ संभावित गठबंधन के संकेत
  • ईद के बाद ब्रिगेड ग्राउंड में संयुक्त रैली का एलान
  • ISF के साथ मिलकर तीसरा मोर्चा बनाने की तैयारी

📍 बेलडांगा मेगा रैली (Ground Activity)

मुर्शिदाबाद के बेलडांगा में हुई मेगा एलायंस रैली में

  • AIMIM की बंगाल इकाई के अध्यक्ष इमरान सोलंकी मंच पर मौजूद रहे
  • यह रैली नए राजनीतिक समीकरणों का संकेत मानी जा रही है

🔍 निष्कर्ष (Conclusion)

हुमायूं कबीर के बयानों से साफ है कि आगामी बंगाल चुनाव में मुकाबला केवल दो दलों तक सीमित नहीं रहेगा। तीसरे मोर्चे की रणनीति राज्य की राजनीति को नया मोड़ दे सकती है।

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