बॉलीवुड और साउथ फिल्मों के 10 सबसे कमजोर विलेन

जब बड़ी उम्मीदों के बावजूद फेल हो गई खलनायकी

फिल्मों में हीरो जितना जरूरी होता है, उतना ही जरूरी होता है एक मजबूत विलेन। कई बार तो ऐसा भी होता है कि फिल्म का असली आकर्षण ही उसका विलेन बन जाता है। अगर विलेन का किरदार दमदार हो, उसका मोटिव साफ हो और उसकी मौजूदगी से डर या तनाव महसूस हो, तो पूरी फिल्म का स्तर ही ऊपर उठ जाता है।

लेकिन हर बार ऐसा नहीं होता। कई फिल्मों में ऐसे विलेन भी देखने को मिलते हैं जिनसे दर्शकों को काफी उम्मीदें होती हैं, लेकिन जब फिल्म रिलीज होती है तो उनका किरदार इतना कमजोर लिखा हुआ होता है कि वो बिल्कुल भी प्रभाव नहीं छोड़ पाते।

कभी उनका बैकस्टोरी कमजोर होती है, कभी उनका मकसद समझ नहीं आता और कभी-कभी तो उनका किरदार इतना अजीब तरीके से लिखा जाता है कि दर्शक उन्हें सीरियसली ले ही नहीं पाते।

आज हम बात करने वाले हैं हाल के सालों में आए ऐसे ही कुछ विलेन किरदारों की, जिन्हें फिल्मों में काफी हाइप किया गया था लेकिन जब दर्शकों ने उन्हें स्क्रीन पर देखा तो वे उम्मीदों पर बिल्कुल भी खरे नहीं उतर पाए।

तो आइए जानते हैं उन 10 विलेन किरदारों के बारे में जिन्हें देखकर दर्शकों ने यही कहा – “इतनी बड़ी फिल्म और इतना कमजोर विलेन?”


1. अविनाश तिवारी – ओ रोमियो

अविनाश तिवारी को इंडस्ट्री के सबसे प्रतिभाशाली एक्टर्स में गिना जाता है। उन्होंने कई फिल्मों और वेब सीरीज में अपनी एक्टिंग का दम दिखाया है। इसलिए जब उन्हें एक फिल्म में विलेन के रूप में देखा गया, तो दर्शकों को उम्मीद थी कि उनका किरदार काफी दमदार होगा।

लेकिन फिल्म में उनका कैरेक्टर इतना अविश्वसनीय तरीके से लिखा गया था कि उसे गंभीरता से लेना ही मुश्किल हो गया।

फिल्म में उनका किरदार एक बुल फाइटर और अंडरवर्ल्ड डॉन का होता है जो स्पेन में रहकर भारत में अपना क्राइम नेटवर्क चलाता है। यह कॉन्सेप्ट सुनने में तो दिलचस्प लगता है, लेकिन फिल्म में इसे जिस तरह से दिखाया गया, वह बिल्कुल भी विश्वसनीय नहीं लगता।

सबसे बड़ी समस्या यह थी कि उनका किरदार एक मशहूर अंडरवर्ल्ड डॉन से प्रेरित बताया गया था, लेकिन कहानी में उस स्तर की गहराई या डर बिल्कुल भी महसूस नहीं होता।

फिल्म में कई ऐसे फैसले भी दिखाए गए हैं जो बिल्कुल भी समझ में नहीं आते। यहां तक कि वह अपने ही करीबियों के साथ ऐसा व्यवहार करता है जो उसके किरदार को और ज्यादा अजीब बना देता है।

परिणाम यह हुआ कि एक बेहतरीन अभिनेता होने के बावजूद उनका विलेन किरदार दर्शकों पर कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाया।


2. जूनियर एनटीआर – वॉर 2

जब यह खबर सामने आई कि जूनियर एनटीआर और ऋतिक रोशन एक साथ स्क्रीन पर नजर आएंगे, तो दर्शकों में काफी उत्साह था। सभी को उम्मीद थी कि फिल्म में दोनों के बीच एक शानदार टक्कर देखने को मिलेगी।

शुरुआत में ऐसा लगता है कि उनका किरदार एक और स्पाई एजेंट का है। लेकिन कहानी आगे बढ़ने पर यह खुलासा होता है कि वह असल में विलेन के साथ मिला हुआ है।

यह ट्विस्ट दिलचस्प हो सकता था, अगर इसके पीछे का कारण मजबूत होता।

फिल्म में बताया जाता है कि बचपन से ही वह कबीर के साथ रहना चाहता था। लेकिन जब स्पाई बनने की ट्रेनिंग के लिए कबीर को चुन लिया जाता है और वह पीछे रह जाता है, तो वह इस बात से इतना प्रभावित हो जाता है कि वह कबीर से आगे निकलने की ठान लेता है।

यहां तक सब ठीक लगता है। लेकिन समस्या तब शुरू होती है जब वह देश के खिलाफ काम करना शुरू कर देता है।

यह बात समझना मुश्किल हो जाता है कि सिर्फ एक बचपन की प्रतिस्पर्धा के कारण कोई व्यक्ति अपने ही देश के खिलाफ क्यों काम करेगा।

क्लाइमेक्स में उसका भावनात्मक संवाद भी दर्शकों को ज्यादा प्रभावित नहीं कर पाता, क्योंकि उसके फैसलों का तर्क शुरुआत से ही कमजोर लगता है।


3. संजय दत्त – बागी 4

बागी सीरीज हमेशा से अपने एक्शन और ओवर-द-टॉप किरदारों के लिए जानी जाती है। लेकिन बागी 4 में कई चीजें ऐसी थीं जो दर्शकों को अजीब लगीं।

इस फिल्म में संजय दत्त एक गैंगस्टर का किरदार निभाते हैं जिसकी पत्नी की हत्या हो जाती है। बाद में जब वह हीरो की गर्लफ्रेंड को देखता है, तो उसे लगता है कि वह बिल्कुल उसकी मृत पत्नी जैसी दिखती है।

इसके बाद वह फैसला करता है कि वह उस लड़की को अपने पास ले आएगा ताकि वह अपनी पत्नी की कमी को पूरा कर सके।

यह प्लॉट सुनने में ही काफी अजीब लगता है और फिल्म में भी इसे जिस तरह से दिखाया गया है, वह दर्शकों को बिल्कुल भी संतुष्ट नहीं करता।

एक बड़े अभिनेता होने के बावजूद संजय दत्त का किरदार यहां बहुत कमजोर और असंगत महसूस होता है।


4. सत्यराज – सिकंदर

सत्यराज एक ऐसे अभिनेता हैं जिन्होंने कई शानदार किरदार निभाए हैं। लेकिन इस फिल्म में उनका किरदार उम्मीदों के मुताबिक नहीं बन पाया।

फिल्म में वह एक भ्रष्ट राजनेता का रोल निभाते हैं जो कई घोटालों में शामिल है। लेकिन पूरी फिल्म में कभी यह ठीक से नहीं दिखाया जाता कि वह अपने अपराधों को कैसे अंजाम देता है।

दर्शकों को उसके बारे में ज्यादा जानकारी नहीं मिलती और उसका किरदार केवल संवादों तक ही सीमित रह जाता है।

सबसे बड़ी समस्या यह थी कि इतने अनुभवी अभिनेता को भी फिल्म में कोई मजबूत सीन नहीं मिला, जिससे उनका विलेन प्रभावशाली बन सके।


5. बॉबी देओल – कंगुआ

कंगुआ में बॉबी देओल के विलेन किरदार को काफी प्रमोशन दिया गया था। ट्रेलर और पोस्टर देखकर ऐसा लग रहा था कि उनका रोल फिल्म का सबसे बड़ा आकर्षण होगा।

लेकिन जब फिल्म रिलीज हुई तो दर्शकों को पता चला कि उनका किरदार केवल एक हिंसक और रूढ़िवादी विलेन तक ही सीमित है।

उनके कैरेक्टर को एक क्रूर योद्धा और महिलाओं के प्रति गलत व्यवहार करने वाले व्यक्ति के रूप में दिखाया गया है।

सबसे हैरान करने वाली बात यह थी कि फिल्म के अंत में यह पता चलता है कि वह असली विलेन ही नहीं है।

इस वजह से दर्शकों को लगा कि पूरे किरदार को बिना किसी ठोस उद्देश्य के ही बनाया गया था।


6. फहाद फासिल – पुष्पा 2

फहाद फासिल एक बेहतरीन अभिनेता माने जाते हैं। उनकी एक्टिंग की काफी तारीफ होती है।

पुष्पा के पहले भाग में उनका किरदार एसपी भंवर सिंह काफी दिलचस्प लगा था। इसलिए दूसरे भाग में उनसे और भी ज्यादा उम्मीदें थीं।

लेकिन फिल्म में उनका किरदार पहले की तुलना में काफी कमजोर दिखाया गया।

फिल्म में कई बार उन्हें अपमानित होते हुए दिखाया जाता है और उनकी ताकत या अधिकार का असर बिल्कुल भी महसूस नहीं होता।

आखिर में उनका किरदार अचानक कहानी से लगभग गायब सा हो जाता है, जिससे दर्शकों को काफी निराशा होती है।


7. एस जे सूर्या – गेम चेंजर

एस जे सूर्या अपने ऊर्जावान और तेजतर्रार किरदारों के लिए जाने जाते हैं।

लेकिन गेम चेंजर में उनका किरदार एक ईर्ष्यालु राजनेता का है जो हर हाल में अपने विरोधी को सत्ता से हटाना चाहता है।

समस्या यह है कि उनका किरदार पूरी फिल्म में एक ही तरह के व्यवहार को दोहराता रहता है।

वह बार-बार वही चालें चलता है और कहानी में कोई नया आयाम नहीं जोड़ता।

आखिर तक आते-आते यह किरदार दर्शकों को थोड़ा थकाने लगता है।


8. संजय दत्त – राजा साहब

इस फिल्म में संजय दत्त को एक आत्मा या स्पिरिट के रूप में दिखाया गया है।

यह कॉन्सेप्ट दिलचस्प हो सकता था, लेकिन फिल्म में इसे जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है, वह ना तो डर पैदा करता है और ना ही मनोरंजन करता है।

उनका किरदार ज्यादातर समय अजीब तरीके से हंसता हुआ और बिना किसी खास उद्देश्य के संवाद बोलता हुआ दिखाई देता है।

इस वजह से दर्शकों को यह समझना मुश्किल हो जाता है कि कहानी आखिर किस दिशा में जा रही है।


9. पृथ्वीराज – बड़े मियां छोटे मियां

इस फिल्म में पृथ्वीराज का किरदार काफी महत्वपूर्ण माना जा रहा था।

दर्शकों को उम्मीद थी कि फिल्म में एक बेहद बुद्धिमान और खतरनाक विलेन देखने को मिलेगा।

लेकिन फिल्म में उनके किरदार की योजना और उद्देश्यों को ठीक से समझाया ही नहीं गया।

उनकी साजिशें भी ज्यादा प्रभावशाली नहीं लगतीं और कई बार तो उनकी योजनाएं बहुत साधारण लगती हैं।

जिस वजह से फिल्म के अंत तक उनका किरदार थोड़ा हास्यास्पद सा लगने लगता है।


10. संजय दत्त – डबल आई स्मार्ट

संजय दत्त ने अपने करियर में कई विलेन किरदार निभाए हैं।

लेकिन डबल आई स्मार्ट में उनका किरदार उतना प्रभावशाली नहीं बन पाया जितनी उम्मीद थी।

फिल्म में उनका लक्ष्य मेमोरी ट्रांसफर के जरिए अमर बनना है।

यह विचार सुनने में काफी रोचक लगता है, लेकिन फिल्म में इसे जिस तरह से प्रस्तुत किया गया है, वह दर्शकों को पूरी तरह संतुष्ट नहीं करता।

कहानी कई जगह उलझी हुई लगती है और उनके किरदार की प्रेरणा भी साफ नहीं हो पाती।

नतीजा यह होता है कि उनका किरदार डर पैदा करने के बजाय थोड़ा अजीब और हास्यास्पद सा लगने लगता है।


निष्कर्ष

फिल्मों में एक मजबूत विलेन कहानी को नई ऊंचाइयों तक ले जा सकता है। लेकिन जब विलेन का किरदार कमजोर लिखा जाता है, तो उसका असर पूरी फिल्म पर पड़ता है।

ऊपर बताए गए कई कलाकार बेहद प्रतिभाशाली हैं, लेकिन उनकी फिल्मों में लिखे गए किरदार उतने प्रभावशाली नहीं बन पाए जितनी उम्मीद थी।

यह हमें याद दिलाता है कि केवल बड़े अभिनेता ही नहीं, बल्कि मजबूत लेखन भी किसी किरदार को यादगार बनाने के लिए जरूरी होता है।

अब सवाल यह है कि इन सभी में से आपको सबसे कमजोर विलेन कौन सा लगा?

क्या आपको लगता है कि इनमें से किसी किरदार को बेहतर तरीके से लिखा जा सकता था?

आप अपनी राय जरूर साझा करें।

टॉक्सिक टीज़र डिकोड: यश की नई फिल्म के हर फ्रेम में छुपी कहानी, गोवा का क्राइम वर्ल्ड और खतरनाक हिंसा

7 इंडियन हॉरर फिल्में जो रियल लाइफ घटनाओं या अर्बन लेजेंड्स से इंस्पायर्ड हैं

आउटसाइडर एक्टर्स जो इंडस्ट्री में आए तो थे बड़े सपनों के साथ… लेकिन एक्टिंग में ग्रोथ क्यों नहीं दिख रही?

धुरंधर 2 ट्रेलर ब्रेकडाउन: 20 डिटेल्स जो शायद आपने मिस कर दी हों

Back To Top